बरेली: बर्ड फ्लू की दहशत से 95 से 45 रुपये हुआ मुर्गा
सिद्धार्थ भारद्वाज, बरेली। कोरोना की मुसीबत अभी खत्म भी नहीं हुई कि अब बर्ड फ्लू का संकट सामने खड़ा नजर आ रहा है। देश के छह राज्यों समेत उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। देश में बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षियों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। राहत की …
सिद्धार्थ भारद्वाज, बरेली। कोरोना की मुसीबत अभी खत्म भी नहीं हुई कि अब बर्ड फ्लू का संकट सामने खड़ा नजर आ रहा है। देश के छह राज्यों समेत उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। देश में बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षियों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। राहत की बात यह है कि अभी तक जिले में इसका कोई मामला सामने नहीं आया है।
वन विभाग की ओर से इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है तो वहीं पशु पालन विभाग भी हरकत में आ गया है। वहीं इस बीमारी की दहशत की वजह से जो मुर्गा अभी तक 95 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा था वह आज केवल 40 से 45 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। ऐसे में जिले के मीट कारोबारियों के सामने संकट आ खड़ा हुआ है।
बरेली जिले में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 100 पोल्ट्री फार्म मौजूद हैं। प्रतिमाह जिले में 800 टन मुर्गे के मांस का उत्पादन होता है, जबकि 15000 टन के आसपास मीट की बिक्री होती है। वहीं, अब बर्ड फ्लू की दहशत के चलते मीट कारोबार मंदी की चपेट में आता जा रहा है। मीट कारोबारियों का कहना है कि इस समय ग्राहकों को जागरूक होने की जरूरत है। बताया कि बर्ड फ्लू अभी तक पक्षियों में पाया गया है न कि मुर्गे में। दूसरा इस बीमारी को लेकर सरकार बहुत ही सर्तकता और बढ़िया तरीके से कार्य कर रही है। विभागीय अधिकारियों द्वारा पोल्ट्री फार्म के लगातार निरीक्षण किए जा रहे है। हर छोटे से छोटे बिंदु को समझाया जा रहा है।
इंसानों के लिए भी हो सकता है घातक
बर्ड फ्लू या एवियन इंफ्लूएंजा एक वायरल इंफेक्शन हैं जो कि पक्षियों से पक्षियों में फैलता है। यह अधिकतर पक्षियों के लिए जानलेवा साबित होता है। पक्षियों से इंसानों और दूसरे प्राणियों में पहुंचने पर यह उनके लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
बरतें ये सावधानियां
– घर में पालतू पक्षियों को न रखें
– मौजूदा समय में खुले बाजार में या छोटी जगहों से मीट की खरीदारी न करें
– संक्रमण से बचने के लिए हाथों को लगातार धोते और सैनिटाइजर करते रहिए
– पक्षियों के संपर्क में आने से बचें
– बर्ड फ्लू वायरस का लक्षण दिखने पर 48 घंटे के अंदर चिकित्सक की सलाह पर तुरंत दवा लें
पोल्ट्री फार्म स्वामियों की बड़ी चिंता
बर्ड फ्लू की आशंका से पोल्ट्रीफार्म स्वामियों की चिंता बढ़ने लगी है। पोल्ट्री फार्म खोलकर स्वरोजगार करने वालों को बर्ड फ्लू की वजह से अब काम प्रभावित होने का भय सताने लगा है। रिठौरा स्थित पोल्ट्रीफार्म कारोबारी गाजी खान ने बताया कि उन्होंने इन दिनों मुर्गियों के लिए बाहर से आने वाले चारे का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। उनके पोल्ट्रीफार्म में मुर्गियों को स्थानीय स्तर पर ही चारे की व्यवस्था की जा रही है।
आमलेट से हटा मन, उबला अंडा कर रहे पसंद
बर्ड फ्लू की दहशत के चलते अब अंडे के शौकीन लोग आमलेट काफी कम पसंद कर रहे है। पीलीभीत बाईपास रोड पर रामबहादुर ने बताया कि आमलेट की बिक्री न के बराबर हो गई है। अधिकांश ग्राहक अब केवल उबले अंडे ही मांग रहे हैं। आमलेट में उन्हें बर्ड फ्लू का खतरा होने का डर बना हुआ है, जबकि ऐसा नहीं है। यह रोग पक्षियों को और उनसे होता है न कि अंडे की आमलेट से यह रोग फैलता है।
बीते वर्ष मार्च और अप्रैल में 30 रुपये किलो बिका था चिकन
बीते वर्ष फरवरी और मार्च में मुर्गे का मांस करीब 20 से 40 रुपये किलो तक बिक गया था। कारोबारियों का कहना है कि पिछले वर्ष फरवरी व मार्च में कोरोना को लेकर अफवाह उड़ी थी यह चिकन से भी फैल रहा है।
“शासन की ओर से बर्ड फ्लू को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। सभी चिकित्सकों अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। निरंतर पोल्ट्रीफार्मों का निरीक्षण किया जा रहा है। नजर बनाए रखी जा रही है।” -ललित कुमार वर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
