मुरादाबाद: अफसरों ने नहीं सुनीं तो बुजुर्ग घर के बाहर ही धरने पर बैठा, मौत

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। आखिरकार सिस्टम की अनदेखी ने एक किसान की जान ले ली। भू माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर घर ही आमरण अनशन पर बैठे किसान ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। किसान की मौत के बाद बिफरे परिजन शव लेकर सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय के बाहर शव रखकर …

मुरादाबाद, अमृत विचार। आखिरकार सिस्टम की अनदेखी ने एक किसान की जान ले ली। भू माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर घर ही आमरण अनशन पर बैठे किसान ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। किसान की मौत के बाद बिफरे परिजन शव लेकर सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय के बाहर शव रखकर उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे पुलिस अफसरों से खफा परिजनों की तीखी नोकझोंक हुई। काफी समझाने के बाद भी जब परिजन नहीं माने तो पुलिस ने जबरन शव उठवाकर मोर्चरी भेज दिया। अफसरों का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

मामला मझोला थाना क्षेत्र के ग्राम धीमरी का है। गांव निवासी शेर सिंह किसान थे। उनके घर में पत्नी लीलावती, बेटा अशोक, संजीव, जयप्रकाश और बेटी राखी है। परिजनों के अनुसार सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के हिमगिरि कालोनी निवासी महेंद्रपाल सेवानिवृत्त सिपाही है।

आरोप है कि महेंद्रपाल ने करीब नौ साल पहले फर्जीवाड़ा करते हुए कुछ रकम देकर तीन बीघा जमीन का बैनामा करा लिया था। बकाया रकम न देने पर शेर सिंह ने सिपाही महेंद्रपाल सिंह के खिलाफ सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। बताते हैं कि न्याय न मिलने पर शेर सिंह 15 दिसंबर से सिपाही के खिलाफ घर पर ही आमरण अनशन पर बैठ गया था। शासन-प्रशासन को सूचना देने के बाद भी स्थानीय अफसरों ने सुध नहीं ली। नतीजा हालत बिगड़ने पर 24 दिन बाद शेर सिंह की मौत हो गई। किसान की मौत के बाद उनके परिजन बिफर गए और शव लेकर एसएसपी प्रभाकर चौधरी के कार्यालय पहुंच गए।

यहां पर शव रखकर उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी परिजनों की तीखी नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस ने जबरन शव वहां से उठवाकर पीएम के लिए मोर्चरी भेज दिया। इस मामले में एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। वहीं शेर सिंह ने तीन जनवरी को हालत बिगड़ने पर आमरण अनशन खत्म करने की भी जानकारी दी थी।

 

संबंधित समाचार