बरेली: लोगों में आक्रोश, चंदपुर बिचपुरी में तनाव
अमृत विचार, बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण की रामगंगा आवासीय योजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीन से मजार तोड़े जाने को लेकर लोगों में खासा आक्रोश था। इससे मजार और मंदिर के आसपास एवं चंदपुर बिचपुरी का माहौल तनावपूर्ण रहा लेकिन अधिकारियों की सूझ-बूझ से आक्रोशित भीड़ बेकाबू नहीं हो सकी। बीडीए की कार्रवाई के …
अमृत विचार, बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण की रामगंगा आवासीय योजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीन से मजार तोड़े जाने को लेकर लोगों में खासा आक्रोश था। इससे मजार और मंदिर के आसपास एवं चंदपुर बिचपुरी का माहौल तनावपूर्ण रहा लेकिन अधिकारियों की सूझ-बूझ से आक्रोशित भीड़ बेकाबू नहीं हो सकी। बीडीए की कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरे लोग दोबारा मजार बनवाने की मांग कर रहे थे। शाम को अधिकारियों से बातचीत करने के बाद मजार के निर्माण पर सहमति बन गई लेकिन स्थान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
मजार पर शुक्रवार सुबह से ही आक्रोशित लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। उनका कहना था कि दरगाह आला हजरत से आने वाले पैगाम को वे लोग कुबूल करेंगे। यह तय हुआ कि जुमे की नमाज के बाद मजार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। दोपहर डेढ़ बजे के बाद वहां भीड़ बढ़ने लगी। सुबह से मौके पर दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी थी लेकिन आक्रोशित भीड़ एकत्र होने की सूचना पर दोपहर तक भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया।
इसके बाद दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा का एक प्रतिनिधिमंडल काजी-ए-हिंदुस्तान असजद रजा खां के निर्देशन में जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान (सलमान मियां) के नेतृत्व में जुमे की नमाज अदा करने के बाद चंदपुरी पहुंचा। सलमान मियां ने कहा कि दरगाह आला हजरत सुन्नी मसलक का सबसे बड़ा केंद्र है। मजार तोड़ने से पहले मंडलायुक्त, जिलाधिकारी एवं बीडीए उपाध्यक्ष समेत अन्य उच्चाधिकारियों को दरगाह आकर बातचीत करनी चाहिए थी।
दरगाह आला हजरत ने हमेशा अमन-ओ-अमान का पैगाम दिया है। यही वजह है कि बुजुर्गों की मजार शहीद होने के बाद भी यहां के लोग शांत हैं। एनआरसी, सीएए और बाबरी शहीद होने के मामले के फैसले के दौरान भी दरगाह ने अमन का पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि इस मजार में आजादी के दो वर्ष बाद की यानि 1949 की ईंटें लगी हैं। रही बात कागज न होने की तो यह सिर्फ मानवीय भूल है। ऐसे तमाम धार्मिक स्थल हैं जिनके कागज नहीं हैं तो क्या उन सबको तोड़ दिया जाएगा।
सलमान मियां ने स्पष्ट कहा कि शरीयत में मस्जिद या मजार दूसरी जगह शिफ्ट करने का नियम नहीं है। ऐसे में मजार को उसी स्थान पर बनाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद भीड़ से हाथ उठवाकर पूछा तो सभी ने नारे लगाते हुए सहमति जताई। इससे पहले सलमान मियां ने कहा कि कुछ अधिकारी सरकार की छवि को धूमिल करना चाहते हैं। सरकार ऐसे अधिकारियों को खुद चिह्नित करके खुद ही उनके खिलाफ कार्रवाई करे।
वहीं, काजी-ए-हिंदुस्तान के दामाद फरमान हसन खान (फरमान मियां) ने भी जिला प्रशासन से मजार को दोबारा तामीर कराने की मांग। इस दौरान हाफिज मोहम्मद इकराम रजा खां ने कहा कि रात के अंधेरे में मजार को शहीद करने वाले बीडीए उपाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाए और मजार उसी स्थान पर बनाई जाए। प्रतिनिधिमंडल में मुफ्ती राहत, मौलाना जाहिद, शमीम अहमद, मोइन खान, अब्दुल्लाह खां, कलीमुद्दीन, शकीलउद्दीन, मेहंदी हसन, अंजुम फिरदौस, हैदर अली, असलम धनतिया, वसीम चौधरी, गुलाम हुसैन, मोइन अख्तर, सैयद रिजवान, फहीम खान, निजामुद्दीन, सैयद इमरान, वामिक शम्सी, सोहेल खान आदि शामिल रहे।
मामला बढ़ता देख जिलाधिकारी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार और तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता सलमान मियां से मिलने के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी नितीश कुमार उनसे मजार से संबंधित बात करना चाहते हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों से पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि मजार को उसी स्थान पर बनाया जाए। लोगों की सहमति लेने के साथ प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिला जहां तय हुआ कि मजार का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद आक्रोशित भीड़ भी अपने घरों की ओर चली गई। हालांकि, मौके पर दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई।
मजार गिराने का आरएसी ने भी किया विरोध
चंदपुर ओगा शाह मियां की मजार गिराने के विरोध में रजा एक्शन कमेटी (आरएसी) भी एक्शन में आ गई है। नबीरा-ए-आला हजरत व आरएसी के नायब सदर मौलाना अदनान रजा कादरी की सरपरस्ती में एक बैठक हुई। इसमें चंदपुर के उस कब्रिस्तान की कमेटी के पदाधिकारी भी शामिल हुए जिसमें ओगा शाह मियां का मजार शरीफ है।
सभी ने एक सुर में बीडीए की कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। मौलाना अदनान रजा ने कहा कि मजार शरीफ पर लगभग 50 वर्षों से उर्स का सालाना चार रोजा कार्यक्रम होता है जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। मजार गिराकर मुसलमानों के सब्र का इम्तिहान लिया जा रहा है। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीडीए, प्रशासन को यह मजार दोबारा बनवानी ही होगी।
वहीं, आरएसी के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्दुल्लाह रजा कादरी ने कहा कि मजार पर वर्षों से जलसा जुलूस होता रहा। फिर भी मजार को शहीद कर दिया गया। ऐसे लोगों को उनके ओहदे से बर्खास्त करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरान मोहम्मद हसनैन, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद असलम, मोहम्मद यूनुस, मोहमद जाहिद, आबिद हुसैन, शकील अहमद, मुश्ताक अहमद, तस्लीम गुल हसन, मोहम्मद फहीम ने अदनान मियां से मुलाकात कर पूरा प्रकरण बताया। अदनान मियां ने आश्वासन दिया कि मजार की दोबारा तामीर कराई जाएगी।
मजार न बनी तो धरने पर बैठेंगे तौकीर रजा
आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव/प्रवक्ता डा. नफीस खान ने कहा कि वीसी जोगिंदर सिंह से बातचीत में यह साफ स्पष्ट हुआ था कि मजार शरीफ वहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर मजार शरीफ दूसरी जगह शिफ्ट करने की कोशिश होती है तो नबीरे आला हजरत कायदे मिल्लत व आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां खुद वहां धरने पर बैठेंगे।
किसी भी सूरत मे मजार शरीफ दूसरी जगह शिफ्ट नहीं होने देंगे। उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील भी की। गुरुवार को भी मामले की सूचना पर आईएमसी की टीम वहां पहुंची थी और बीडीए के तमाम अधिकारियों से बात की जिसमें सलीम खां, नदीम खां, रिजवान हुसैन, शमशाद प्रधान आदि मौजूद थे।
मजार टूटी लेकिन अकीदत बरकरार
चंदपुर ओगा शाह मियां का मजार गिराने से स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी है। दरगाह तोड़े जाने के बावजूद लोगों की अकीदत मजार के लिए कम नहीं हुई। शुक्रवार को तमाम लोगों ने वहां पर फातिहा पढ़ी और अगरबत्ती लगाईं।
शाही अंदाज में पहुंचा सलमान मियां का काफिला
चंदपुर ओगा शाह मियां की मजार गिराए जाने से नाराज लोगों की भारी भीड़ मजार के आसपास जमा थी। जुमे की नमाज अदा होने के बाद फिल्मी अंदाज में सलमान मियां का काफिला वहां पहुंचा तो उनके चाहने वालों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। अकीदतमंद उनकी कार के दोनों तरफ लटक गए और बाइक सवारों ने आगे बढ़कर स्टंट करते हुए माहौल की गर्मी को बढ़ा दिया।
चाय के साथ उबलता रहा लोगों में आक्रोश
डोहरा रोड पर स्थित रामगंगा नगर आवासीय योजना के लिए अधिग्रहित भूमि पर बनी मजार को गुरुवार को ढहाने की वजह से लोगों में खासा आक्रोश रहा। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आक्रोशित लोग बड़ी संख्या में देर रात तक जमे रहे। सर्दी के मौसम में राहत पहुंचाने के लिए वहां अलाव की व्यवस्था भी की गई। साथ ही बड़े भगोने में रातभर चाय बनाई गई।
चाय के उबाल की तरह ही लोगों के बीच भी गुस्सा रहा। मामले की जानकारी होने पर गश्त पर पहुंचे बिथरी चैनपुर के थाना प्रभारी ने मजार पर मौजूद लोगों को गुरुवार रात करीब 2 बजे समझा-बुझाकर घर भेज दिया। माना जा रहा है कि पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर भी स्थानीय लोगों में आक्रोश रहा।
