बरेली: मौसम बिगड़ा तो फॉग लाइट लगाने की आयी याद
बरेली, अमृत विचार। कोहरा करीब दिसंबर माह की शुरूआत से पड़ने लगा है। लेकिन पुलिस अधिकारियों को यूपी 112 की पीआरवी में फॉग लाइट लगाने की याद अब आयी है। यूपी 112 के एसपी ने बरेली समेत सभी जिलों की पीआरवी में फॉग लाइट लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद से सभी पीआरवी …
बरेली, अमृत विचार। कोहरा करीब दिसंबर माह की शुरूआत से पड़ने लगा है। लेकिन पुलिस अधिकारियों को यूपी 112 की पीआरवी में फॉग लाइट लगाने की याद अब आयी है। यूपी 112 के एसपी ने बरेली समेत सभी जिलों की पीआरवी में फॉग लाइट लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद से सभी पीआरवी में या तो फॉग लाइट ठीक करायी जा रही हैं या फिर नई फॉग लाइटें भी लगवायी जा रही हैं। जबकि एक महीने से पीआरवी बिना फॉग लाइट के ही काम चला रही थी।
कोहरे में घटना स्थल पर किसी भी सूचना पर सबसे पहले यूपी 112 की पीआरवी (पुलिस रेस्पांस व्हीकल) ही मौके पर पहुंचती है। घना कोहरा होने पर पीआरवी को समय पर पहुंचने में दिक्कत होती है। इससे पीड़ित को भी देर से मदद मिलती है। यही नहीं कि हादसा होने का डर बना रहता है। पीआरवी हादसे का शिकार न हो जाए। इसके लिए यूपी 112 के एसपी प्रशासन एमपी वर्मा ने सभी पीआरवी में फॉग लाइट लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। फॉग लाइट क्रियाशील होने के बाद इसकी जानकारी भी भेजनी होगी। एसपी का आदेश आने के बाद बरेली में भी सभी पीआरवी की फॉग लाइट ठीक होना शुरू हो गया है।
फॉग लाइट के बारे में पीआरवी चालकों से बातचीत में सामने आयसा कि फॉग लाइट न होने से दिक्कतें काफी होती हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत देहात क्षेत्र में होती है, क्योंकि शहर में तो सड़क पर लाइटें जलती हैं लेकिन देहात में हाइवे पर लाइट नहीं होती है। इसके अलावा अन्य सड़कें भी पतली होती हैं और कोहरे में दिखायी नहीं देता है। इसकी वजह से हादसा होने का डर रहता है। यहां तक कि मौके पर पहुंचने में भी देरी होती है और पीड़ित को भी मदद समय पर नहीं मिलती है।
76- चार पहिया पीआरवी
25- दो पहिया पीआरवी
08- महिला पीआरवी
200- सूचनाएं औसत रोजाना यूपी 112 पर आती हैं
58- हादसे दिसंबर माह में हुए
महिला पीआरवी का करें परीक्षण
बदायूं की वारदात के बाद एक बार फिर से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सभी प्रयास शुरू हो गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए रात में चलने वाली पीआरवी को फिर से क्रियाशील करने के निर्देश दिए हैं। यूपी 112 मुख्यालय द्वारा 6 जनवरी की रात में कई जिलों की महिला पीआरवी का आकस्मिक जांचा गया। जिसमें आगरा जिले में महिला पीआरवी निर्धारित संख्या में संचालित नहीं हो रही थीं। इसके अलावा कई जिलों में महिला पीआरवी पर महिला पुलिसकर्मी ही मौजूद नहीं थीं।
इसके चलते एडीजी यूपी 112 असीम अरुण ने सभी जिलों के एसएसपी को आदेश जारी किया है कि महिला पीआरवी का परीक्षण करा लें और निर्धारित संख्या में पीआरवी पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती करें। महिला पीआरवी के संचालन का आदेश तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह ने 9 सितंबर 2019 को जारी किया था। जिसके तहत सड़क पर अकेली महिला या फिर पीआरवी पर फोन करने वाली महिला को इसी पीआरवी से तुरंत मदद पहुंचायी जाएगी। जिलों में कुल पीआरवी की करीब 10 फीसदी महिला पीआरवी संचालित की जा रही हैं।
