हल्द्वानी: माया नगरी और माया का मोह छोड़ लोक संगीत में रमे नितेश

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हल्द्वानी,अमृत विचार। शहर के साउंड इंजीनियर नितेश बिष्ट आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, शौक को कॅरियर में बदल उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। मुंबई फिल्म नगरी में कई बड़े बैनर की फिल्मों में काम करने के बाद वह वापस अपने शहर लौट कर पहाड़ के लोक संगीत को आगे बढ़ाने का …

हल्द्वानी,अमृत विचार। शहर के साउंड इंजीनियर नितेश बिष्ट आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, शौक को कॅरियर में बदल उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। मुंबई फिल्म नगरी में कई बड़े बैनर की फिल्मों में काम करने के बाद वह वापस अपने शहर लौट कर पहाड़ के लोक संगीत को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

मूल रूप से अल्मोड़ा के लमगड़ा के रहने वाले नितेश ने वहां से 12वीं पास करने के बाद हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज से बीएससी किया। संगीत में दिलचस्पी के कारण उन्होंने मुंबई के एक कॉलेज से साउंड इंजीनियर का कोर्स किया। साथ ही हरिप्रसाद चौरसिया के गुरुकुल से बांसुरी वादन सीखा। नितेश सोनू निगम, सुखविंदर, मिल्खा सिंह आदि के साथ भी काम कर चुके हैं। संगीतकार राम संपत के स्टूडियो में बतौर रिकॉर्डिंग एंड मिक्सिंग इंजीनियर का काम करने के बाद अब हल्द्वानी में खुद का स्टूडियो खोला है और यहीं से मुम्बई के प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बचपन से ही संगीत में रूचि होने के कारण उन्होंने इसे ही अपना कॅरिअर बनाने का मन बनाया। वह कहते हैं कि राज्य के वाद्य यंत्र जैसे हुड़का, दमौ, मशकबीन के संगीत की बात ही निराली है, इसलिए उनका सपना है कि यहां का संगीत पूरे विश्व पटल पर अपनी विशेष पहचान बनाए।

लैला में लैला गाने के लिए मिला था अवार्ड
नितेश ने बताया कि कॅरिअर की शुरुआत भूतनाथ रिटर्न्स फिल्म से की। इस फिल्म में उन्होंने असिस्टेंट साउंड इंजीनियर की भूमिका निभाई। पुरानी जींस, बैंगिस्तान, 21 तोपों की सलामी, रमन राघव फिल्म और टीवी सीरियल्स में बीबीसी अर्थ, एनिमल प्लेनेट, सत्यमेव जयते और सोनी चैनल के धारावाहिक में काम किया है। कई कॉमर्शियल के लिए भी जिंगल बना चुके हैं। रईस फिल्म में लैला में लैला के लिए बेस्ट साउंड इंजीनियर का अवार्ड मिल चुका है।

समेटना चाहते हैं लोकरंगों की आवाजों का संगीत
उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों और यहां की दैनिक दिनचर्या और प्रकृति में शामिल तमाम आवाजों जैसे धान फटकारने, मंडवा कूटने, दराती घिसने, खेत मे बैल के गले मे बंधी घंटी, नौलों के पानी की आवाज समेत अन्य आवाजों को शामिल कर एक गीत तैयार करना उनका अगला प्रोजेक्ट है।

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