बरेली: सर्वे करने गई टीम से धक्का-मुक्की, 15 लाख की मशीन भी तोड़ी
बरेली,अमृत विचार। कुतुबखाना ओवरब्रिज के निर्माण को विरोध अब तूल पकड़ने लगा है। अब तक शिकायत करने वाले व्यापारी झगड़ा करने पर आमादा हो गए हैं। व्यापारियों के उग्र होने से सर्वे करने वालीं टीमें भी वहां जाने से कतराने लगी हैं। बुधवार को सेतु निगम की टीम जब पुल के सर्वे के लिए पहुंची …
बरेली,अमृत विचार। कुतुबखाना ओवरब्रिज के निर्माण को विरोध अब तूल पकड़ने लगा है। अब तक शिकायत करने वाले व्यापारी झगड़ा करने पर आमादा हो गए हैं। व्यापारियों के उग्र होने से सर्वे करने वालीं टीमें भी वहां जाने से कतराने लगी हैं। बुधवार को सेतु निगम की टीम जब पुल के सर्वे के लिए पहुंची तो स्थानीय व्यापारियों ने उसका घेराव करने के बाद टीम के साथ धक्का-मुक्की कर दी।
टीम ने विरोध किया तो व्यापारियों ने दौड़ा दिया। इतना ही नहीं टीम के पास मौजूद करीब 15 लाख रुपये की कीमत की मशीन भी तोड़ दी। विरोध के बाद सर्वे करने गए टीम के कर्मचारी वापस लौट आए।
कुतुबखाना क्षेत्र में ओवरब्रिज बनाने के लिए बुधवार दोपहर करीब 1 बजे सड़क नापने पहुंची सेतु निगम की टीम का व्यापारियों ने घेराव कर लिया। टीम नापजोख शुरू करती, उससे पहले ही व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। टीम में शामिल अधिकारियों ने कहा कि वह सड़क और दुकानों की नाप करना चाहते हैं। फ्लाईओवर के प्रोजेक्ट को अगले माह मंजूरी के लिए रखा जाना है, लेकिन व्यापारियों ने एक नहीं सुनी और उन्हें सड़क की नाप नहीं लेने दी। बाद में जब टीम ने नाप के लिए मशीन निकाली तो व्यापारियों ने उनके साथ धक्का मुक्की कर दौड़ाने के बाद मशीन को तोड़ दिया।
सर्वे के लिए चयनित की गई कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि व्यापारियों ने उनकी 15 लाख रुपये की कीमत डीजीपीएस मशीन को तोड़ दिया, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। उसके बाद सर्वे करने गई टीम ने सेतु निगम के आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। हालांकि, देर रात तक इस मामले में थाने में किसी तरह की कोई तहरीर नहीं दी गई थी।
व्यापारी चाह रहे अंडरपास को हो निर्माण
बरेली। कुतुबखाना फ्लाईओवर का मानचित्र तैयार हो चुका है। जलकल विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग सभी भूमिगत लाइनों को स्थानांतरित करने के लिए एस्टीमेट दे चुके हैं। लेकिन स्थानीय व्यापारी शुरूआत से ही विरोधी तेवर दिखा रहे हैं। व्यापारी नदीम शमसी ने कहा कि वह सभी व्यापारी फ्लाईओवर को लेकर अपना पक्ष पहले ही रख चुके हैं। वे किसी भी हाल में यहां फ्लाईओवर का निर्माण नहीं होने देंगे। हम पहले ही कह चुके हैं कि प्रशासन यहां अंडरपास का निर्माण करें। दिल्ली और लखनऊ के बाजारों से जब मेट्रो ट्रेन भूमिगत निकल सकती है तो यहां अंडरपास का निर्माण क्यों नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी यहां आए दिन कोई न कोई गतिविधि करके व्यापारियों को उकसाने का काम कर रहे हैं।
कैसे सर्वे कराएं, व्यापारी पर्सनल अटैक पर उतारू
कुतुबखाना ओवरब्रिज को वाईशेप में बनाने के सुझाव पर सेतु निगम ने सर्वे शुरू किया है लेकिन व्यापारी विरोध करते हुए पर्सनल अटैक कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सेतु निगम के अधिकारी-कर्मचारी कैसे सर्वे पूरा कराएं। उन्हें जान माल की हिफाजत की भी चिंता है। जब तक व्यापारी वर्ग और जनप्रतिनिधि कुतुबखाना चौराहे पर ओवरब्रिज बनवाने की हामी नहीं भरेंगे, तब तक हम कोई कार्य नहीं कर सकते हैं। व्यापारियों का विरोध अटैक तक पहुंच गया है। यह कहना है सेतु निगम के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर बीके सेन का।
वह कहते हैं कि रविवार को सर्किट हाउस में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में ओवरब्रिज को वाईशेप में बनाने का सुझाव आया। उसके तहत कार्य शुरू किया, लेकिन व्यापारियों ने बुधवार को जो हरकत की, उससे हम सभी की कार्य करने की हिम्मत टूटी है। वाईशेप में ओवरब्रिज की एक ब्रांच जिला पंचायत कार्यालय के पास उतारने के लिए जगह कम है। यहां की स्थिति देखते हुए ओवरब्रिज वाईशेप में नहीं बनाया जा सकता है लेकिन जिला पंचायत कार्यालय के आगे संभावनाएं तलाशने से पहले यह कांड हो गया। इसलिए कोई सर्वे नहीं करा पाए हैं। ओवरब्रिज बनने से यहीं के लोगों को फायदा पहुंचेगा। उन्हें सर्वे करने की अनुमति मिलेगी, तब सर्वे कार्य कराएंगे।
