पंचायत चुनाव: शासन गांवों में झगड़े, पार्टीबंदी, विकास कार्यों का एकत्र करा रहा डाटा
बरेली,अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए शासन बड़े स्तर पर तैयारी करा रहा है। गांव-गांव में किस तरह की राजनीति, छोटे-छोटे विवादों पर झगड़ने की स्थिति और ग्रामीणों में किस तरह की पार्टीबंदी चल रही है, पांच साल में विकास कार्यों की क्या स्थिति रही, ऐसे तमाम बिंदुओं पर गोपनीय …
बरेली,अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए शासन बड़े स्तर पर तैयारी करा रहा है। गांव-गांव में किस तरह की राजनीति, छोटे-छोटे विवादों पर झगड़ने की स्थिति और ग्रामीणों में किस तरह की पार्टीबंदी चल रही है, पांच साल में विकास कार्यों की क्या स्थिति रही, ऐसे तमाम बिंदुओं पर गोपनीय डाटा तैयार कराया जा रहा है।
इस कार्य में न पुलिस और न ही राजस्व कर्मचारियों को लगाया है। इस कार्य की जिम्मेदारी इंटेलीजेंस को सौंपी गई है। इस गोपनीय विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर डाटा एकत्र कर रहे हैं। गांव की जनसंख्या कितनी है, निवर्तमान प्रधान ने किस तरह के विकास कार्य कराए, किन किन जातियों के लोग रह रहे हैं। ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमों की जानकारी भी जुटा रहे हैं।
इस विभाग के एक अधिकारी के अनुसार उन गांवों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा जिनमें अक्सर विवाद के मामले सामने आते रहते हैं। पिछले चुनाव के दौरान और बाद में हुए झगड़ों का ब्योरा भी एकत्र किया जा रहा है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार शासन अधिसूचना जारी होने तक गांवों की रिपोर्ट जुटा लेगी, ताकि उस गांव पर मतदान को लेकर विशेष फोकस किया जा सके। हालांकि, पंचायत चुनाव में होने वाले झगड़ों को रोकने के लिए पुलिस पहले से ही झगड़ा करने वालों पर 107/116 की कार्रवाई कर रही है।
अधिकारी बताते हैं कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में अधिसूचना जारी हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभी से चुनाव की ड्यूटी लगाने की तैयारी की जा रही है। सभी विभागों को राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर कर्मचारियों का डाटा फीड कराया जा रहा है।
