बरेली: पुलिस न सुने तो बेइज्जत कर शोहदे से मंगवाएं माफी

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। मैं एक बार बस में यात्रा कर रही थी। मेरे साथ में मेरी चाची थीं। उस वक्त मैं छोटी थी। एक शोहदे ने मेरे साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी लेकिन डर के चलते मैं कुछ बोल नहीं पा रही थी। फिर मैंने हिम्मत दिखायी और शोर मचा दिया। उसके बाद अन्य लोगों …

अमृत विचार, बरेली। मैं एक बार बस में यात्रा कर रही थी। मेरे साथ में मेरी चाची थीं। उस वक्त मैं छोटी थी। एक शोहदे ने मेरे साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी लेकिन डर के चलते मैं कुछ बोल नहीं पा रही थी। फिर मैंने हिम्मत दिखायी और शोर मचा दिया। उसके बाद अन्य लोगों की मदद से शोहदे को बस से नीचे उतार दिया।

कुछ इसी तरह की अपने साथ हुई सच्ची छेड़छाड़ की घटनाओं का जिक्र करते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की विमेन ग्रीवांस सेल के छात्र-छात्रा समिति के सदस्यों ने नाटक के जरिए ईव टीजिंग व सेक्सुअल हैरेशमेंट पर नाटक के जरिए जागरूक किया गया। छात्राओं को बताया गया कि यदि परिसर में कोई छेड़छाड़ की घटना हो और पुलिस न सुने तो उसे परिसर में साथी छात्रों की मदद से बेइज्जत कर माफी मंगवाएं, ताकि वह भविष्य में कोई भी इस तरह की हिमाकत न करे।

विश्वविद्यालय के गुरुकुल प्रांगण में विमेन ग्रीवांस सेल के छात्र छात्रा समिति के सदस्यों द्वारा शनिवार को एक जागरूकता कार्यक्रम व पोस्टर कंपटीशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय अवेयरनेस ऑन सोशल एब्यूज एंड सेक्स एजुकेशन था। कार्यक्रम का प्रारंभ तितिक्षा के सेक्सुअल असॉल्ट विषयक भाषण से हुआ।

उसके बाद वैष्णवी ने ईव टीजिंग पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निहारिका, साक्षी, ज्योति, योगिता, भवनेश, नितिन, उत्कर्ष, धनंजय, आदर्श, प्रियंशा, शालिनी ने लैंगिक उत्पीड़न विषय पर नाटक प्रस्तुत किया। पोस्टर कंपटीशन में प्रथम स्थान ज्योति कमल ने, दूसरा स्थान तनुजा व उत्कर्ष ने व तीसरा स्थान साक्षी ने प्राप्त किया। जूडो में गोल्ड मेडलिस्ट रहे धनंजय ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के जरूरी ट्रिक्स प्रैक्टिकल कर के सिखाएं।

सेल की समन्वयक प्रोफेसर आशा चौबे ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से छात्र-छात्राओं के भीतर प्रबंधन का गुण भी विकसित होता है। उन्होंने बताया कि अभी तक सेल में सिर्फ छात्राओं को ही सुपरवाइजर बनाया जाता था लेकिन इस बार छात्र को भी शामिल किया गया है। क्योंकि छात्र ही अच्छे तरीके से छात्रों को समझा सकते हैं। सेल में छात्र भी छात्राओं के साथ छेड़छाड़ को रोकने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।

इस सेल में 26 छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही सभी विभागों में जाकर इसी तरह से जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम का सफल संचालन दिपांशी त्यागी ने किया। केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के हेड डा. एमएस करुणा ने छात्र-छात्राओं को आयोजन के लिए बधाई दी।

इस दौरान रोहित पाल, नवनीत शुक्ला, शेफाली गोयल आदि गेस्ट फैकल्टी, संजीव, प्रख्यात बाल चित्रकार कनुप्रिया, छात्रा आकांक्षा शुक्ला, अदिति पाठक, योगिता, अनुष्का, छात्र हर्षित, आदित्यनाथ के अलावा एमबीए, बीटेक- ईसी, सीएस, ईआई, एमएसडब्ल्यू, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, बीफार्मा के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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