बरेली: इंटरनेट पर नहीं टीचर तो सिर्फ क्लास में मिलते हैं : डा. अनुराग मोहन
अमृत विचार, बरेली। इंटरनेट पर एक क्लिक पर ढेरों सामग्री मिल जाती है। पढ़ाई से जुड़ी जानकारियां भी मिल जाएंगी लेकिन शिक्षक तो विद्यालय या कक्षा में ही मिलते हैं। शिक्षक छात्रों को हर तरह से पढ़ाने की कोशिश करता है और छात्र भी शिक्षक के समक्ष अपनी समस्या किसी भी समय रख सकते हैं। …
अमृत विचार, बरेली। इंटरनेट पर एक क्लिक पर ढेरों सामग्री मिल जाती है। पढ़ाई से जुड़ी जानकारियां भी मिल जाएंगी लेकिन शिक्षक तो विद्यालय या कक्षा में ही मिलते हैं। शिक्षक छात्रों को हर तरह से पढ़ाने की कोशिश करता है और छात्र भी शिक्षक के समक्ष अपनी समस्या किसी भी समय रख सकते हैं। जूनियर और सीनियर छात्र मिलकर मुकाम हासिल कर सकते हैं। ये बातें बरेली कॉलेज के प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने शनिवार को वनस्पति शास्त्र विभाग में एमएससी के छात्रों के दीक्षा आरंभ समारोह (फ्रेशर पार्टी) में कहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। कार्यक्रम में जंतु विज्ञान के प्रभारी डा. कमल कुमार सक्सेना ने कहा कि उनका कॉलेज का सफर 40 साल पुराना है। वह जब छात्र थे तो काफी डरते थे। उस वक्त पढ़ाई का दौर भी अलग था। अब इंटरनेट पर एक क्लिक पर सबकुछ मिल जाता है। छात्रों को इंटरनेट के साथ-साथ भौतिक कक्षाओं में भी आना चाहिए। वनस्पति विज्ञान के प्रभारी डा. आलोक खरे ने छात्र-छात्राओं का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि छात्रों को मिलकर रहना चाहिए और किसी भी तरह की समस्या होने पर शिक्षक से संपर्क करना चाहिए। प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने कहा कि कॉलेज की सबसे बड़ी समस्या है कि छात्र कम संख्या में आ रहे हैं। ऐसा करने वाले छात्र अपना ही नुकसान कर रहे हैं। यदि छात्र कक्षा में आएं और जितना पढ़ाया जाए और उसे घर में रिवाइज कर लें तो ज्यादा घंटों तक पढ़ने की जरूरत नहीं होगी।
कार्यक्रम में रसायन विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ पी.एन सक्सेना, भौतिक विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. वीपी सिंह आदि ने छात्र छात्राओं को अपने अनुभव कथन के रूप में आशीर्वाद दिया। आशीर्वाद उद्बोधन के बाद छात्र छात्राओं ने अपने बीच से ही राजकमल को दीक्षारंभ छात्र तथा दीक्षा सक्सेना को दीक्षारंभ छात्रा चुना।
इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्नातकोत्तर पूर्वार्द्ध के छात्रों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. आशा सिंह, डॉ. राजीव यादव, डा. नीरज पाल मलिक, डॉ. नरेंद्र पाल सिंह, डॉ. शालिनी सक्सेना, डॉ. बृजेश शर्मा, डॉ. राजेश कुमार, दीपक कुमार, अपूर्वा शर्मा आदि शिक्षकों व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
