बरेली: अक्षर विहार पार्क पर नहीं, अधिकारियों पर बरसा ‘अमृत’
अमृत विचार, बरेली। अक्षर विहार पार्क का कई बार सौंदर्यीकरण हुआ। करोड़ों रुपये खर्च हुए लेकिन पार्क की बदहाली दूर नहीं हुई। पांच साल पहले ‘अमृत’ योजना में मिली 1.12 करोड़ रुपये की धनराशि भी पार्क में खपा दी गई लेकिन न तो पार्क का सौंदर्यीकरण हुआ और न ही तालाब का जीर्णोद्धार। इस बजट …
अमृत विचार, बरेली। अक्षर विहार पार्क का कई बार सौंदर्यीकरण हुआ। करोड़ों रुपये खर्च हुए लेकिन पार्क की बदहाली दूर नहीं हुई। पांच साल पहले ‘अमृत’ योजना में मिली 1.12 करोड़ रुपये की धनराशि भी पार्क में खपा दी गई लेकिन न तो पार्क का सौंदर्यीकरण हुआ और न ही तालाब का जीर्णोद्धार। इस बजट में पार्क में सिर्फ कैंटीन भवन और शौचालय भवन दिख रहा है। अन्य कोई कार्य नहीं हुए हैं।
पार्क के साथ यह भवन भी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। अमृत योजना (अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉरमेशन) का ‘अमृत’ नगर निगम के तत्कालीन और कुछ वर्तमान अधिकारियों पर ही बरसा है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में अमृत मिशन योजना के 3.88 करोड़ रुपये से गांधी उद्यान, अक्षर विहार और सीआई पार्क में सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव स्वीकृत हुए थे।
इन पार्कों का काम सत्य साईं कंस्ट्रक्शन फर्म को दिया गया। इसका उद्घाटन नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने किया था। अक्षर विहार का प्रोजेक्ट 1.12 करोड़ रुपये का था, इसे 17 जून, 2017 में शुरू होकर 16 अक्तूबर, 2017 को पूरा होना था लेकिन कार्यदायी संस्था ने तय समय में कार्य नहीं किया।
संस्था कार्य लटकाए रही। अमृत योजना के तहत पार्क में शौचालय, टिन शेड, फुलवारी, वॉकिंग ट्रैक, पार्किंग, बच्चों के झूले, लाइटें व गेट, पेयजल और कैंटीन बननी थी। अक्षर विहार पार्क में कैंटीन और शौचालय के भवन तो बने लेकिन अन्य कोई कार्य नहीं हुआ।
बच्चों के पार्क के नाम पर महज एंगल पर गेट लगा दिया। इसमें झूले नदारद हैं। वहीं, पार्क में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण 3 फरवरी 2020 को मेयर डा. उमेश गौतम ने किया था। प्रकरण में नगर आयुक्त अभिषेक आनंद व अधिशासी अभियंता (निर्माण) संजय कुमार से संपर्क किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
