लखनऊ: रेल हादसे रोकने को लेकर डीआरएम गंभीर, उठाए जाएंगे ये खास कदम
लखनऊ, अमृत विचार। ट्रेन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम गंभीर हो गये हैं। सोमवार की सुबह चारबाग रेलवे के पास शहीद एक्सप्रेस के दो कोच बेपटरी होने के बाद डीआरएम ने परिचालन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं। उन्होंने रेल पटिरयों की रोजाना जांच कराने के आदेश दिये हैं। …
लखनऊ, अमृत विचार। ट्रेन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम गंभीर हो गये हैं। सोमवार की सुबह चारबाग रेलवे के पास शहीद एक्सप्रेस के दो कोच बेपटरी होने के बाद डीआरएम ने परिचालन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं। उन्होंने रेल पटिरयों की रोजाना जांच कराने के आदेश दिये हैं।
डीआरएम का कहना है कि रेल पटरियों पर रोजाना पेट्रोलिंग करने के साथ रेल पटरियों को अवश्य चेक किया जायेगा। उन्होंने इसके निगरानी के लिए एक समिति का गठन कर दिया है जिसमें वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक से लेकर कई अधिकारी मानीटरिंग करेंगे। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर ट्रेन के लोको पायलटों को भी और बेहतर से प्रशिक्षित किया जायेगा।
रिलीफ ट्रेनों को किया जायेगा हाइटेक
रेल हादसे के दौरान मौके पर पहुंचने वाली रिलीफ ट्रेनों को हाइटेक किया जायेगा। हादसे की सूचना मिलते ही रिलीफ ट्रेन 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रवाना होगी और मौके पर पहुंचेगी। इसमें पूरी मेडिकल टीम भी मौजूद रहेगी। टीम मौके पर ही घायल यात्रियों का इलाज करेगी। ट्रेन में ऑपरेशन थिएटर की भी व्यवस्था की जायेगी। इससे घायलों का समय पर इलाज संभव होगा और लोगों की जानें बचाई जा सकेंगी।
रेलवे की इस पहल से हादसे में घायल यात्रियों को काफी मदद मिलेगी। रिलीफ ट्रेन को पूरी तरह से आधुनिकीकरण किया जायेगा। इसमें दो इंजन लगे होंगे। ताकि एक इंजन फेल होने की स्थिति में दूसरे इंजन का उपयोग किया जा सके। अब तक ट्रेन हादसा होने पर रिलीफ ट्रेन घटना स्थल पर पहुंचने में घंटों लग जाता है, जिससे घायलों को समय पर इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती थी और जान का खतरा बना रहता था। लेकिन इस ट्रेन के हाइटेक होने से बहुत सारी सुविधा मिलेगी।
