बरेली: नौकरी पर रार तो कहीं शक की दीवार ला रही रिश्तों में दरार
बरेली, अमृत विचार। छोटी-छोटी बातें पति-पत्नी के रिश्तों की डोर को कमजोर कर रही हैं। एक बार रिश्ते में दरार पड़ जाए तो उसे जोड़ना मुश्किल होता है। पुलिस लाइंस स्थित परिवार परामर्श केंद्र में कई ऐसे रिश्तों को परामर्शदाताओं ने परामर्श के जरिए जोड़ दिया जिनकी वजह मामूली थी। किसी ने ब्यूटी पार्लर में …
बरेली, अमृत विचार। छोटी-छोटी बातें पति-पत्नी के रिश्तों की डोर को कमजोर कर रही हैं। एक बार रिश्ते में दरार पड़ जाए तो उसे जोड़ना मुश्किल होता है। पुलिस लाइंस स्थित परिवार परामर्श केंद्र में कई ऐसे रिश्तों को परामर्शदाताओं ने परामर्श के जरिए जोड़ दिया जिनकी वजह मामूली थी। किसी ने ब्यूटी पार्लर में नौकरी की जिद तो किसी ने देवर के साथ नल पर खड़े देखने पर शक की वजह से रिश्ता तोड़ दिया। परामर्शदाताओं ने जब रिश्ता तोड़ने वालों से भविष्य के परिणाम के बारे में समझाया तो दोनों मान गए और अब आराम से जीवन बिता रहे हैं।
एसएससपी ऑफिस में रोजाना 100 से अधिक शिकायतें आती हैं। इनमें से अधिकांश पति-पत्नी के बीच विवाद की होती हैं। ज्यादातर मामलों में दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप होता है। पुलिस चाहती है कि रिश्ता न टूटे। इसके लिए सबसे पहले मामले को परिवार परामर्श केंद्र ही भेजा जाता है। शहर से जुड़े थानों को पुलिस लाइंस और देहात के थानों को उस एरिया की तहसील स्तर पर बने परिवार परामर्श केंद्र में भेजा जाता है।
जब परामर्श केंद्र में परामर्शदाता रिश्ता टूटने की वजह पूछते हैं तो प्रार्थना पत्र में लगे आरोप से अलग ही बात निकलकर आती है। किसी मामले में पति-पत्नी के बीच शक की दीवार खड़ी होती है। कभी सास-ससुर से अनबन वजह होती है तो कभी पत्नी देहात से शहर में रहने की जिद करती है। पति के शराब पीने की वजह से भी रिश्ते टूटते हैं। कुछ वजह तो ऐसी होती हैं जिनका कोई आधार ही नहीं होता है। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को समझाने पर बात बन जाती है।
केस 1- बच्चों के भविष्य की आई बात तो किया समझौता
पुराना शहर के रहने वाले दंपति का रिश्ता इस वजह से टूटा क्योंकि पत्नी ब्यूटी पार्लर में नौकरी करना चाहती थी। पति चाहता था कि पत्नी नौकरी न करे। वह उसका सारा खर्च भी पूरा करने को तैयार था। दोनों में इसी बात पर विवाद हो गया। बात ज्यादा बिगड़ी तो पत्नी ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगा दिया और पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर दी। मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। यहां तीन बार पति-पत्नी की काउंसिलिंग हुई। परामर्शदाताओं ने दोनों को समझाया। पत्नी को कहा कि उसे अपने दो बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। पत्नी ने एक सप्ताह का समय मांगा और फिर सोचने के बाद उसने समझौता कर लिया।
केस 2- सबूत नहीं दे सका तो जुड़ गया रिश्ता
सीबीगंज के दंपति के रिश्ते में सिर्फ शक की दीवार आ गई। जब शक बढ़ा तो दोनों में झगड़े शुरू हो गए। महिला ने पुलिस से शिकायत कर पति पर परेशान करने का आरोप लगाया। दहेज का भी आरोप लगा। परिवार परामर्श केंद्र में मामला पहुंचा तो दोनों को समझौते के लिए बुलाया गया। जब परामर्शदाताओं ने झगड़े की वजह पूछी तो पति ने कहा कि उसकी पत्नी के देवर के साथ संबंध हैं। उससे पूछा कि आरोप का क्या आधार है तो उसने बताया कि एक बार देवर नल पर था तो उसने पत्नी को भी खड़े देखा था। उससे परामर्शदाताओं ने दूसरा कोई सबूत मांगा तो वह नहीं दे सका। इसके बाद दोनों को समझाया गया। दो बार की काउंसिलिंग के बाद समझौता हो गया।
“छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते टूट जाते हैं। उन वजहों को पता कर दोनों पक्षों को समझाकर रिश्ता जोड़ा जाता है। ब्यूटी पार्लर में नौकरी की वजह से टूटा रिश्ता जोड़ा गया।” -जेसी पालीवाल, परामर्शदाता
“रिश्ता टूटने की वजह कुछ और होती है लेकिन उसे दहेज से जोड़ दिया जाता है। दोनों पक्षों से बात करने पर असली वजह सामने आती है, उसके बाद समझाकर समझौता कराया जाता है।” -मो. नवी, परामर्शदाता
