बरेली: महाविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में भी होंगे बदलाव

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बरेली, अमृत विचार। नई शिक्षा नीति के शिक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए जा रहे हैं। इसके तहत पाठ्यक्रमों को वर्तमान परिदृष्य और रोजगार को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। उद्योगों को महाविद्यालयों से जोड़ा जाएगा। पाठ्यक्रमों में बदलाव के साथ शिक्षकों को भी नए पाठ्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए …

बरेली, अमृत विचार। नई शिक्षा नीति के शिक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए जा रहे हैं। इसके तहत पाठ्यक्रमों को वर्तमान परिदृष्य और रोजगार को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। उद्योगों को महाविद्यालयों से जोड़ा जाएगा। पाठ्यक्रमों में बदलाव के साथ शिक्षकों को भी नए पाठ्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए महाविद्यालयों में उद्योग अकादमिक एकीकरण एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ, ऑनलाइन शिक्षा एवं एलएमएस प्रकोष्ठ समेत 10 अलग-अलग प्रकोष्ठ खोले जाएंगे। शासन ने इस संबंध में सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य को निर्देश जारी किए हैं।

शासन ने नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में अलग-अलग प्रकोष्ठ खोलने के निर्देश दिए हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में अधिकांश प्रकोष्ठ बना दिए हैं और इनके निदेशक व समन्वयक भी नियुक्त कर उन्हें जिम्मेदारी दे दी गई है। हालांकि अभी भी काफी काम बाकी है। विश्वविद्यालय के साथ महाविद्यालयों में भी इसी तरह के प्रकोष्ठ बनाए जाने हैं। यह व्यवस्था राजकीय महाविद्यालयों के साथ अशासकीय व स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में भी की जाएगी। शासन ने जल्द से जल्द प्रकोष्ठों का गठन करने और इसकी महाविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशालय को भी रिपोर्ट भेजनी होगी।

महाविद्यालयों में उद्योग अकादमिक एकीकरण एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी। इसके तहत कौशल विकास के लिए स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा माध्यमिक, पॉलीटेक्निक, आईटीआई के साथ उच्च शिक्षा का समन्वय स्थापित किया जाएगा। व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल की पहचान करने, छात्रों को ऑनलाइन व्यवसायिक एवं कौशल शिक्षा के कोर्स करने में मदद करने, क्षेत्रीय उद्योगों के साथ एमओयू करना आदि भी इस प्रकोष्ठ के जरिए किए जाएंगे। इसके अलावा उद्योगों व संस्थानों में छात्रों को इंटरनशिप के लिए भेजा जाएगा।

ऑनलाइन शिक्षा एवं एलएमएस प्रकोष्ठ के जरिए छात्रों को विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की जानकारी देना और उन्हें ऑनलाइन पाठ्यक्रम के लिए प्रेरित किया जाएगा। संस्था के सभी कार्यालयों के कार्यों को ऑनलाइन किया जाएगा। महाविद्यालय में ई-लर्निंग पार्क की स्थापना की जाएगी। पुस्तकालय में प्रीलोडेड टैब्स उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षक प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के जरिए शिक्षकों को विभिन्न प्रकार के क्षेत्रीय, राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में बताया जाएगा। अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ में उच्च गुणवत्ता के शोध तैयार किए जाएंगे। शोध के बारे में मिलने वाले अनुदान के बारे में छात्रों व शिक्षकों को जानकारी दी जाएगी।

संस्थागत विकास योजना प्रकोष्ठ के तहत संस्था के लघु व दीर्घ उद्देश्यों पर आधारित वार्षिक, 5 वर्षीय व 15 वर्षीय योजना तैयार की जाएगी। एक्टिविटी क्लब के तहत छात्रों को सामुदायिक सेवा के लिए प्रेरित किया जाएगा। किसी एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में मदद की जाएगी। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के उपाय किए जाएंगे। अंतराष्ट्रीय छात्र सहायता प्रकोष्ठ के तहत अंतराष्ट्रीय छात्रों की मदद की जाएगी और छात्रों को अध्ययन वीजा दिलाने में मदद करनी होगी। भारतीय भाषा, सांस्कृति एवं कला प्रकोष्ठ के जरिए क्षेत्रीय संस्कृति एवं कला की पहचान कर उनपर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

छात्रों को विभिन्न भाषाओं के बारे में ऑनलाइन व ऑफलाइन जानकारी दी जाएगी। मेंटरिंग एंव मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रकोष्ठ के तहत छात्रों के लिए मनोवैज्ञानिक कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। छात्र के लिए मेंटर नियुक्त किया जाएगा। छात्रों को व्यावसायिक सहायता दी जाएगी। दिव्यांय सहायता एवं वंचित समूह सहायता योजना प्रचार-प्रसार प्रकोष्ठ के जरिए दिव्यांग व वंचित के लिए हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी और उनकी अलग-अलग तरह से मदद की जाएगी।

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