बरेली: जेब खर्च से गरीबों के लिए भोजन का प्रबंध कर रही निधि
ओमेन्द्र सिंह, बरेली। कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र आड़े नहीं आती। ऐसा ही जज्बा है शहर के शास्त्रीनगर में रहने वाली निधि गंगवार में। उनकी उम्र जरूर कम है लेकिन जज्बा उतना ही अधिक। वह घर से मिलने वाले जेब खर्च से गरीबों के पेट की भूख मिटा रही है। कोरोना काल …
ओमेन्द्र सिंह, बरेली। कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र आड़े नहीं आती। ऐसा ही जज्बा है शहर के शास्त्रीनगर में रहने वाली निधि गंगवार में। उनकी उम्र जरूर कम है लेकिन जज्बा उतना ही अधिक। वह घर से मिलने वाले जेब खर्च से गरीबों के पेट की भूख मिटा रही है। कोरोना काल से पहले गरीब बच्चों को पढ़ाती थी लेकिन कोविड नियमों का पालन करते हुए यह कार्य बंद कर दिया है। निधि का कहना है कि जल्द ही वह दोबारा बच्चों को पढ़ाना शुरू करेंगी।
शहर के शास्त्री नगर में रहने वाली निधि गंगवार का पैतृक घर नवाबगंज के गांव लमखेड़ा में है। उनके पिता चंद्रप्रकाश किसान हैं और मां विमलेश गृहिणी हैं। निधि ने बताया कि जीवों की रक्षा और गरीबों की मदद की सीख उन्हें अपने माता-पिता और दादा सोहनलाल से मिली है। निधि ने बताया कि जब वह हाईस्कूल में थीं तो उन्होंने एक बच्चे को देखा कि वह भूखा है और एक ठेले वाले से खाने को मांग रहा है। तब उन्हें बहुत खराब महसूस हुआ। उस वक्त उनके पास खाने का टिफिन था। बच्चे को वह टिफिन दे दिया और स्वयं खाना नहीं खाया। उस दिन के बाद से गरीबों को खाना खिलाने का सिलसिला चल पड़ा जो आज तक जारी है।
इसके अलावा पशु-पक्षियों का भी बेहद ख्याल रखती हैं। उनका कहना है कि ये बहुत समझदार होते हैं लेकिन अपना दर्द बयां नहीं कर सकते हैं। अब तक वह कई घायल जानवरों और पक्षियों का इलाज आईवीआरआई से करा चुकी हैं। उनके इलाज का खर्च वह अपने जेब खर्च से करती हैं। मोहल्ले के बच्चे उन्हें दीदी कहकर बुलाते हैं। निधि ने बताया कि वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं।
सामाजिक कार्यों में भी रुचि
युवा कल्याण विभाग के सहायक निदेशक विवेक चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि निधि उत्तराखंड में कराटे की प्रतियोगिता भी जीत चुकी है। वह नारी शक्ति, निर्भया सेना के लिए भी कार्य करती हैं। युवा कल्याण विभाग से जुड़कर वह सामाजिक कार्यों में भी योगदान दे रही हैं। उन्होंने बताया कि निधि अपने साथ की लड़कियों का भी पढ़ाई में सहयोग करती हैं।
विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि निधि द्वारा नारी शक्ति पर एक नाटक का मंचन किया गया जिसमें उनकी टीम को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल हुआ है। निधि ग्रामीण महिलाओं और बेटियों को शिक्षा दिलाने पर जोर देती हैं। शहर और गांव में कई बच्चियों के माता-पिता को समझाकर उन्होंने बेटियों को स्कूल का भी रास्ता दिखाया।
