बरेली: विश्वविद्यालय की दीवार से सटाकर कूड़ा घर बनाने पर तकरार

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बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की दीवार से सटाकर कूड़ाघर बनाने को लेकर सोमवार को जमकर तकरार हुई। निर्माण करा रहे ठेकेदार और विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रभारी के बीच मारपीट के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र गुस्से में आ गए। छात्रों ने सबसे पहले रोड पर जाम लगा दिया। इसके बाद …

बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की दीवार से सटाकर कूड़ाघर बनाने को लेकर सोमवार को जमकर तकरार हुई। निर्माण करा रहे ठेकेदार और विश्वविद्यालय सुरक्षा प्रभारी के बीच मारपीट के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र गुस्से में आ गए।

छात्रों ने सबसे पहले रोड पर जाम लगा दिया। इसके बाद लोहे के स्ट्रक्चर को तोड़ दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को तोड़फोड़ करने से रोक दिया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जब तक मामले का हल नहीं निकलता, तब तक कोई निर्माण नहीं होगा। करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद सभी वापस लौट गए। विश्वविद्यालय प्रशासन शासन और जिलाधिकारी को लिखित में कार्रवाई के लिए भेजेगा।

नगर निगम की ओर से शहर में जगह-जगह कूड़ा घर और शौचालय बनाए जा रहे हैं। कुलपति आवास के पीछे विश्वविद्यालय की मुख्य दीवार और बीसलपुर रोड से सटाकर कूड़ाघर बनाने के लिए नगर निगम की ओर से फाउंडेशन तैयार कर दी गई। सोमवार को लोहे का स्ट्रक्चर तैयार किया गया। विश्वविद्यालय के सुरक्षा प्रभारी सुधांशु सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और काम रोकने के लिए कहा। उनके मुताबिक वहां मौजूद ठेकेदार ने झगड़ा शुरू कर दिया और डंडा उठा दिया।

इस पर सुरक्षाकर्मियों ने भी विरोध किया तो दो गाड़ियों में लोग आ गए। जब इसकी सूचना विश्वविद्यालय में पहुंची तो छात्र नेता गजेंद्र कुर्मी, उज्ज्वल ढाका के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। सभी ने नगर निगम मुर्दाबाद के नारे लगाए। उसके बाद सड़क जाम कर दी। उसके बाद चीफ प्रॉक्टर जेएन मौर्या व अन्य शिक्षक व कर्मचारी भी पहुंच गए। पुलिस के समझाने पर छात्रों ने सड़क खाली कर दी। उसके बाद विरोध करने वालों ने कटर से स्ट्रक्चर के नट काट दिए और उसे गिराने का प्रयास किया। बारादरी पुलिस के समझाने पर छात्र मानें और कुछ छात्रों ने गुस्से में आकर एक लोहे के पाइप को गिरा दिया।

मौके पर स्थानीय पार्षद नरेश शर्मा बंटी, वार्ड अध्यक्ष नितिन जोशी भी पहुंचे। उन्होंने भी यहां बनने वाले कूड़ाघर का विरोध किया। जेई कौशलेंद्र कुमार ने पुलिस से कहा कि आसपास के कूड़े को यहां इकट्ठा किया जाएगा। इसकी फाइल पास हुई है। बता दें कि करीब एक महीने पहले 23 दिसंबर को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के पास शौचालय बनाने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन व छात्रों ने विरोध किया था। जिसके बाद काम रुकवा दिया गया था। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शासन, एनजीटी और नगर निगम को भी पत्र लिखा था।

विश्वविद्यालय की दीवार से सटाकर कूड़ाघर बनाना गलत है। इससे विश्वविद्यालय की सुरक्षा को खतरा है। नगर निगम की ओर से कोई भी अनुमति नहीं ली गई है। दो दिन पहले कर्मचारियों के साथ बैठक में भी कूड़ाघर बनाने से इनकार किया था। -प्रो. केपी सिंह, कुलपति रुविवि

“कूड़ाघर नियम के विरुद्ध बनाया जा रहा है। कूड़ाघर बनने से कोई भी दीवार फांदकर अंदर आ जाएगा। इससे कुलपति आवास के साथ-साथ छात्रावास में रह रहीं छात्राओं की सुरक्षा को भी खतरा है। कूड़ाघर बनने से गंदगी होगी। इसके साथ ही इसे हाईटेंशन लाइन के नीचे भी गलत बनाया जा रहा है।” -डा. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी

“कूड़ाघर बनाने का विरोध किया गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया कि बिना अनुमति के कूड़ाघर नहीं बनने दिया जाएगा। शासन, जिलाधिकारी व अन्य जगह कार्रवाई के लिए पत्र लिखेंगे।” -प्रो. जेएन मौर्या, चीफ प्रॉक्टर

“विश्वविद्यालय परिसर के आसपास कभी शौचालय और तो कभी कूड़ाघर बनाया जा रहा है। छात्रों को गंदगी से दिक्कत होगी। छात्र कूड़ाघर नहीं बनने देंगे।” -गजेंद्र कुर्मी, छात्र नेता

“कूड़ाघर बनने का छात्र विरोध करते हैं। कूड़ाघर बनने से छात्रों को परेशानी होगी और विश्वविद्यालय की सुरक्षा को भी खतरा होगा। कूड़ाघर बना तो विरोध तेज किया जाएगा।” -उज्ज्वल ढाका, छात्र नेता

“सड़क किनारे कूड़ाघर बनाने का विरोध किया था। नगर निगम को एक जगह कूड़ाघर बनाने के लिए कहा था। भविष्य में सड़क चौड़ी होने से कूड़ाघर तोड़ना पड़ेगा।” -नरेश शर्मा उर्फ बंटी, स्थानीय पार्षद

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