बच्चों के दिलों को कमजोर करता है रूमेटिक बुखार
अमृत विचार, बरेली। अगर आपके बच्चे को बुखार के साथ जुकाम है और यह काफी दिनों से ठीक नहीं हो रहा है तो चिकित्सक से सलाह लें। यह रूमेटिक बुखार भी हो सकता है। जरा सी लापरवाही से रूमेटिक हार्ट डिजीज (वाल्व बदलना या छल्ला डालना) में तब्दील हो सकता है। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष …
अमृत विचार, बरेली। अगर आपके बच्चे को बुखार के साथ जुकाम है और यह काफी दिनों से ठीक नहीं हो रहा है तो चिकित्सक से सलाह लें। यह रूमेटिक बुखार भी हो सकता है। जरा सी लापरवाही से रूमेटिक हार्ट डिजीज (वाल्व बदलना या छल्ला डालना) में तब्दील हो सकता है।
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष व बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजेश अग्रवाल ने बताया कि रूमेटिक बुखार बच्चों के लिए काफी नुकसानदायक है। हालांकि, इसकी चपेट में आने वाले अधिकांश मरीजों का वाल्व रिकवर हो जाता है लेकिन इस बीच दवा छोड़ने या लापरवाही बरतने पर मरीज के दिल में कई तरह की समस्याएं आ जाती हैं। स्थिति ऑपरेशन तक पहुंच जाती है।
वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ डा. रवि खन्ना ने बताया कि सही समय पर उपचार नहीं किया गया तो बच्चे रूमेटिक हार्ट डिजीज के शिकार हो जाते हैं। बताया कि ऐसे मरीजों को दवा बिल्कुल बंद नहीं करनी चाहिए। दवा बंद करने पर वाल्व खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। यह वॉल्व वन-वे डोर की तरह कार्य करने लगेंगे। इसकी वजह से हृदय द्वारा पंप किए जाने वाले खून का प्रवाह शरीर के केवल एक हिस्से में होगा। इसके बाद परेशानियां बढ़ती हैं और हृदय खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।
ये हैं लक्षण:-
- बुखार के साथ गले में लगातार खराश
- सांस फूलना
- त्वचा पर लाल चकत्ते
- छाती में दर्द
- हाथ-पैरों में झनझनाहट
- दर्द और कंधे में झटका लगना
- दिल की धड़कन तेज होना
- बुखार के साथ लंबे समय तक जुकाम बना रहना
