देवरिया: कृषि कानून किसानों के हित में नहीं, जल्द वापस ले सरकार- मनीष सिंह

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देवरिया। समाजवादी पार्टी से युवजन सभा के महासचिव मनीष सिंह ने अमृत विचार से खास बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार जो कृषि कानून लाई है वह किसानों के हित में नहीं है इसलिए सरकार इन्हें जल्द से जल्द वापस ले। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से सपा …

देवरिया। समाजवादी पार्टी से युवजन सभा के महासचिव मनीष सिंह ने अमृत विचार से खास बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार जो कृषि कानून लाई है वह किसानों के हित में नहीं है इसलिए सरकार इन्हें जल्द से जल्द वापस ले। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से सपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज करवा रही है।

उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कोई बोलने को तैयार नहीं है लेकिन सिर्फ समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन कर रही है और किसान आंदोलन को जिस तरह से सपा ने मजबूती दी है इसे देख कर हम दावे के साथ कह सकते हैं कृषि कानून भारत सरकार को निरस्त करने पड़ेंगे।

मनीष सिंह ने कहा कि जब से केन्द्र व प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है किसान, छात्र, मजदूर और महिलाएं सभी परेशान हैं। भाजपा ने विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करवा कर राजनीतिक द्वेष की भावना को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा में लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म हो चुका है और मोदी जी सिर्फ तानाशाही हुकूमत के साथ देश में सरकार चलाना चाहते हैं।

इस दौरान सपा नेता ने मुख्यमंत्री योगी पर हमला बोलते हुए कहा कि योगी जी आज कानून की बात कर रहे हैं। उनको याद करना चाहिये जब वह सांसद हुआ करते थे तब वह किसी कानून को नहीं मानते थे। जिसने हमेशा कानून को चुनौती दी वह आज कानून की बात करते हैं। मनीष सिंह ने कहा कि जिस दिन सरकार बदलेगी योगी आदित्यनाथ जी वह तारीख याद रखिएगा कैसे उत्पीड़ित किया गया।

मनीष सिंह ने भाजपा पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देवरिया जनपद में सांसद और उनके बेटे सरकारी बैठकों में शामिल होते हैं और राजनीतिक फैसले लेते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री हैं सूर्य प्रताप शाही के भी पुत्र ब्लाक प्रमुख हैं और वह सरकारी बैठकों में शामिल होते हैं और राजनीतिक फैसले बदलने तक का मानक रखते हैं। पशुधन मंत्री इस जिले के हैं जिनके विभाग में इतना बड़ा घोटाला हुआ।

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