CTET Exam: गोरखपुर में पकड़ा सॉल्वर, बरेली में बढ़ी सतर्कता, केंद्रों पर सख्ती
अमृत विचार, बरेली। शनिवार को जिले में 70 केंद्रों पर केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) दो पालियों में हुई। इसमें पहली पाली में 85 और दूसरी में 83 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। गोरखपुर में सॉल्वर के पकड़े जाने की सूचना पर बरेली में भी पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। सभी केंद्रों पर सख्ती बढ़ा …
अमृत विचार, बरेली। शनिवार को जिले में 70 केंद्रों पर केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) दो पालियों में हुई। इसमें पहली पाली में 85 और दूसरी में 83 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। गोरखपुर में सॉल्वर के पकड़े जाने की सूचना पर बरेली में भी पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। सभी केंद्रों पर सख्ती बढ़ा दी गई। हालांकि, यहां सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा निपट गई। शहर में खुदी पड़ी सड़कों की वजह से अभ्यर्थियों को कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा।
सी टेट की पहली परीक्षा शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद सूचना मिली कि गोरखपुर में एसटीएफ ने एक सॉल्वर को दबोच लिया है। सॉल्वर दबोचने की सूचना फैलते ही बरेली में भी प्रशासन अलर्ट हो गया। सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी के लिए वायरलेस होने लगा। डीएम से लेकर एसडीएम समेत तमाम अधिकारी सीबीएसई के जिला समन्वयक वीके मिश्रा से संपर्क साधते रहे।
परीक्षा के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति को केंद्र के आस-पास भी भटकने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। बहरहाल, बरेली के सभी केंद्रों पर शांति पूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न हुई। बताते चलें कि बरेली में 70 केंद्रों पर 29700 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। इसमें से पहली पाली में 25245 और दूसरी पाली में 24651 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। बाकी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
कई किलोमीटर चले पैदल तब पहुंचे परीक्षा केंद्र
शहर में जगह-जगह खुदी पड़ी सड़कों, लालफाटक और चौपुला पर ओरवरब्रिज के निर्माण की वजह से अभ्यर्थियों को काफी असुविधाओं का समाना करना पड़ा। आलम यह था कि अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए कई किलोमीटर पैदल तक चलना पड़ गया। सबसे ज्यादा परेशानी आंवला और बदायूं मार्ग से आने वालें अभ्यर्थियों को हुई।
उन्होंने बताया कि सुबह से ही लालफाटक पर लंबा जाम लगा हुआ था। जाम खुलने का इंतजार करते तो परीक्षा छूट जाती। इसलिए सभी छात्रों ने लालफाटक से ही पैदल चलना शुरू कर दिया। काफी दूर आने के बाद केंद्र तक जाने के लिए ऑटो मिले तब जाकर वे परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे।
परीक्षा में कोई भी सवाल ज्यादा कठिन नहीं आया था। कुल मिलाकर देखा जाए तो परीक्षा अच्छी हुई। मैंने दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था। मौसम खराब होने की वजह से सुबह केंद्र तक पहुंचने में थोड़ी समस्या जरूर हुई। – प्रियंका जायसवाल, पीलीभीत
शहर की सड़कें खुदी होने की वजह से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऑटो वालों ने भी तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूले, परीक्षा देने आना था इसलिए मजबूरी में आना पड़ा। बहरहाल, पेपर कुल मिलाकर ठीक हो गया। -उपासना जायसवाल, पीलीभीत
शिक्षाशास्त्र और मनोविज्ञान से ज्यादा सवाल पूछे गए थे। पेपर को आसान तो नहीं कह सकते लेकिन कठिन भी नहीं था। कुल मिलाकर देखा जाए तो पेपर मीडियम आया था। हां, लालफाटक पर जाम लगने की वजह कई किलोमीटर पैदल जरूर चलना पड़ा। -विजेश्वर प्रसाद, आंवला
बदायूं से बरेली तक आने में इतना समय नहीं लगा जितना लालफाटक से परीक्षा केंद्र पहुंचने में लग गया। जाम और खुदी सड़कों की वजह से निकलना मुश्किल था। बहरहाल, देखा जाए तो पेपर कुल मिलाकर ठीक हुआ, न ज्यादा कठिन था और न ही आसान, मीडियम आया था। – प्रवेंद्र कुमार, बदायूं
