Budget 2021 पर विपक्ष ने कसा तंज, कहा- बजट का थीम है ‘भारत बेचो’!

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए लोकसभा में देश का बजट पेश कर दिया है। सरकार जहां बजट को सभी वर्गों के लिए फायदेमंद बता रही है तो वहीं विपक्ष ने इसे खराब बजट कहा है। इस बीच विपक्ष ने ट्वीट कर बजट को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। शशि …

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए लोकसभा में देश का बजट पेश कर दिया है। सरकार जहां बजट को सभी वर्गों के लिए फायदेमंद बता रही है तो वहीं विपक्ष ने इसे खराब बजट कहा है। इस बीच विपक्ष ने ट्वीट कर बजट को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। शशि थरूर ने अपने ट्वीट में बीजेपी सरकार की तुलना ‘मोटर मैकेनिक’ से की है, तो वहीं टीएमसी ने कहा कि बजट का थीम है बेचो भारत को।

वित्त मंत्री ने भारत के लोगों को धोखा दिया: चिदंबरम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने अगले वित्त वर्ष के बजट को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के लोगों को धोखा दिया है और इससे पहले कभी भी बजट से इतनी निराशा नहीं हुई। पूर्व वित्त मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ”वित्त मंत्री ने भारत के लोगों खासकर गरीबों, कामकाजी तबके, मजूदरों, किसानों, स्थायी रूप से बंद हुईं औद्योगिक इकाइयों और बेरोजगार हुए लोगों को धोखा दिया है। उन्होंने उनका भाषण सुन रहे सांसदों समेत उन सभी लोगों के साथ धोखा किया है जिनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि पेट्रोल एवं डीजल समेत कई उत्पादों पर उपकर लगा दिया गया है।” पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, ”इस बजट से इतनी निराशा हुई है जितनी कभी नहीं हुई। पिछले साल की तरह इस बजट की सच्चाई सामने आ जाएगी।”

कांग्रेस नेता शशि थरूर का कटाक्ष
शशि थरूर ने ट्वीट करके कहा है, ”बीजेपी की ये सरकार मुझे उस गैराज मैकेनिक की याद दिलाती है, जो अपने ग्राहक से कहता है, “मैं तुम्हारी गाड़ी के ब्रेक ठीक नहीं कर पाया, इसलिए मैंने तुम्हारा हॉर्न तेज कर दिया है। #Budget2021”

बजट पर राहुल गांधी का ट्वीट
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ”सरकार लोगों के हाथों में पैसे देने के बारे में भूल गई। मोदी सरकार की योजना भारत की संपत्तियों को अपने पूंजीपति मित्रों को सौंपने की है।”

बजट निजीकरण को बढ़ावा देने वाला है: ममता
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021-22 के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह किसान विरोधी, जन विरोधी और देश विरोधी बजट है। ममता बनर्जी ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम से लेकर सरकारी बीमा कंपनियों तक सब कुछ बेच रही है। यह जनता को धोखा देने वाला बजट है।

टीएमसी ने कहा- बजट का थीम है बेचो भारत को
टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट करके कहा है कि भारत का पहला पेपरलेस बजट भी 100% दृष्टिहीन बजट है। बजट का थीम है बेचो भारत को! रेलवे: बेची गई, हवाई अड्डे: बेचा, बंदरगाह: बेचा, बीमा: बेचा, PSUs: 23 बिके!  तृणमूल कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि बजट में आम आदमी और किसानों की अनदेखी की गयी है और यह अमीरों को और धनवान तथा निर्धन को और गरीब बनाएगा, वहीं मध्यम वर्ग को इसमें कुछ भी नहीं मिला है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल में ग्रामीण सड़कों के निर्माण के आंकड़े देते हुए कहा, ”ग्रामीण सड़कें: 2011 तक 39,705 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें थीं, 2011-20 के बीच 88,841 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ।” डेरेक ओब्रायन ने कहा कि ग्रामीण सड़कों के मामले में पश्चिम बंगाल पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा, ”पश्चिम बंगाल ने कल ही कर दिया, केंद्र सरकार आज केवल बातें कर रही है।”

 

आम आदमी पार्टी का मोदी सरकार पर तंज – रेल बेच देंगे, सड़क बेच देंगे

महंगाई बढ़ाने का काम करेगा ये बजट-केजरीवाल
बजट पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा, “यह बजट चंद बड़ी कम्पनियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट है। ये बजट महंगाई के साथ आम जन-मानस की समस्याएं बढ़ाने का काम करेगा।

आम आदमी पार्टी के नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को संसद में पेश किए गए आम बजट 2021-22 को देश को बेचने वाला बजट करार दिया है। संजय सिंह ने बजट की आलोचना करते हुए ट्वीट किया, “आख़िर ये देश किसका है? 130 करोड़ लोगों का या मोदी जी के 4 पूँजीपति मित्रों का? सपूत संपत्ति बनाता है, कपूत सम्पत्ति बेचता है। आज का बजट देश को बेचने का बजट है।”

वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेश ने भी बजट को लेकर ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार ने एयरपोर्ट, एयर इंडिया, रेल, सड़क, बिजली लाईन, वेयरहाउस समेत बहुत कुछ बेचने का निर्णय लिया। “मै देश नहीं बचने दूँगा”।

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया, ”संसद में पेश केन्द्र सरकार का यह बजट क्या पहले मन्दी और अब कोरोना वायरस महामारी के कारण बिगड़ी देश की अर्थव्यवस्था को संभाल पाएगा? क्या यह बजट अति-गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं को दूर कर पाएगा? इन्हीं आधार पर सरकार के कार्यकलापों और इस बजट को भी आंका जाएगा।” मायावती ने कहा, ”देश की करोड़ों गरीब, किसान और मेहनतकश जनता केन्द्र और राज्य सरकारों के अनेक प्रकार के लुभावने वादे, खोखले दावे और आश्वासनों से काफी थक चुकी है तथा उनका जीवन लगातार त्रस्त है। सरकार अपने वादों को जब जमीनी हकीकत का रूप देगी तभी यह बेहतर होगा।”

सरकार बजट देने में असफल रही- अधीर रंजन चौधरी
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों से उबरने के लिए संसद में आज पेश बजट 2021-22 को लेकर जो उम्मीद की जा रही सरकार वैसा बजट देने में असफल रही है और अत्यंत सामान्य बजट पेश कर सिर्फ निजीकरण को बढावा देने का काम किया गया है। अधीर रंजन चौधरी ने यहां संसद भवन परिसर में बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बहुत सामान्य बजट है और इसमें कुछ भी खास नहीं है। बजट में सिर्फ निजीकरण को बढावा देने का रास्ता साफ हुआ है।

कांग्रेस के पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट किया, ‘‘वित्त मंत्री के भाषण में इसका कोई जिक्र ही नहीं हुआ कि जीडीपी में 37 महीनों की रिकॉर्ड गिरावट है। 1991 के बाद से यह सबसे बड़ा संकट है।’’ उन्होंने दावा किया कि देश की बहुमूल्य संपत्तियों को बेचने के अलावा बजट में कोई मुख्य ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्य बात यह है कि अर्थव्यवस्था को आगे नहीं बढ़ाओ, सिर्फ देश की बहुमूल्य संपत्तियों को बेचो।

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