बरेली: फिस्ट से ग्रांट लेकर केंद्रीय प्रयोगशाला बनाने की तैयारी
बरेली, अमृत विचार। यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) से ग्रांट न मिलने पर अब बरेली कॉलेज ने मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के फिस्ट (फंड फॉर इंप्रूवमेंट ऑफ एस एंड टी इंफ्रास्ट्रक्चर इन हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस) से ग्रांट लेने की तैयारी शुरू कर दी है। प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने इसको लेकर विज्ञान संकाय के सभी …
बरेली, अमृत विचार। यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) से ग्रांट न मिलने पर अब बरेली कॉलेज ने मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के फिस्ट (फंड फॉर इंप्रूवमेंट ऑफ एस एंड टी इंफ्रास्ट्रक्चर इन हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस) से ग्रांट लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्राचार्य डा. अनुराग मोहन ने इसको लेकर विज्ञान संकाय के सभी विभागाध्यक्षों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव के तहत ऐसे उपकरण खरीदे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल विज्ञान संकाय के सभी विभाग कर सकें। ग्रांट मिलने पर केंद्रीय प्रयोगशाला और क्षेत्रीय शोध केंद्र भी तैयार किया जाएगा।
यूजीसी से बरेली कॉलेज को करीब 4 साल से ग्रांट नहीं मिली है। ग्रांट न मिलने की वजह से ही महाविद्यालय के कई प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। महाविद्यालय ने कई कमियों की वजह से नैक मूल्यांकन भी नहीं कराया है। क्योंकि नैक मूल्यांकन में बिना तैयारी के जाने से उसे अपनी ए प्लस प्लस की ग्रेड बरकरार रखना बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में अब महाविद्यालय फिस्ट से ग्रांट लेने की तैयारी कर रहा है।
कुछ दिनों पहले प्राचार्य की अध्यक्षता में यूजीसी कॉडिर्नेटर बरेली कॉलेज डा. अविनाश अग्रवाल ने एक बैठक की थी। बैठक में विज्ञान संकाय के सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे थे। बैठक में बताया गया कि फिस्ट से बहुउद्देशीय उपकरण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। फिस्ट से इस तरह के उपकरण मांगे जाएंगे जिनका इस्तेमाल भौतिक विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान और जंतु विज्ञान सभी विभाग में इस्तेमाल किया जा सके।
फिस्ट से मास स्पेक्ट्रोमीटर, सिंगल एक्सरे डिफरेक्ट्रोमीटर्स, ऑटोमेटेड डीएनए सिक्वेंसर्स व अन्य उपकरण खरीदे जा सकते हैं। फिस्ट से एक महाविद्यालय को लेवल जीरो के तहत 5 वर्ष के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की ग्रांट खरीद 5 साल के लिए दी जाती है। जिसमें 1 करोड़ रुपये रिसर्च और 50 लाख रुपये प्रयोगशालाओं के लिए दिए जाते हैं। ग्रांट के लिए सरकारी, स्ववित्त पोषित और निजी महाविद्यालय अप्लाई कर सकते हैं। यह फंड टीचिंग क्वालिटी को सुधारने के लिए दिया जाता है।
बरेली कॉलेज के विज्ञान संकाय के रिसर्च और प्रयोगशालाओं को सुधारने के लिए फिस्ट से ग्रांट लेने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश सभी विभागाध्यक्षों को दिए हैं। ग्रांट मिलने से छात्रों को लाभ मिलेगा। -डा. अनुराग मोहन, प्राचार्य बरेली कॉलेज
फिस्ट से ग्रांट के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। डेढ़ करोड़ की ग्रांट मिलने पर क्षेत्रीय शोध केंद्र और केंद्रीय प्रयोगशाला भी तैयार की जा सकती है। जल्द ही बैठक करके प्रस्ताव भेजा जाएगा। -डा. अविनाश अग्रवाल, यूजीसी कॉर्डिनेटर बरेली कॉलेज
