बरेली: आतंकवादियों को पनाह दे रहा है पाकिस्तान : मौलाना शहाबुद्दीन
अमृत विचार, बरेली। 5 फरवरी को तंजीम-उलमा ए-इस्लाम ने आतंकवाद विरोधी दिवस मनाये जाने का ऐलान किया है। आल इंडिया तन्जीम उलमा-ए-इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे पर पाकिस्तानी हुकूमत के संबंध में प्रेस को एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान 5 फरवरी को कश्मीरी एकजुटता दिवस …
अमृत विचार, बरेली। 5 फरवरी को तंजीम-उलमा ए-इस्लाम ने आतंकवाद विरोधी दिवस मनाये जाने का ऐलान किया है। आल इंडिया तन्जीम उलमा-ए-इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे पर पाकिस्तानी हुकूमत के संबंध में प्रेस को एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान 5 फरवरी को कश्मीरी एकजुटता दिवस मनाता है।
इस दिन वहां राष्ट्रीय अवकाश का पालन होता है। वहां के नागरिक भारत के विरोध में रैलियां और प्रदर्शन करते हैं। बताया गया कि इस साल भी पाकिस्तानी हुकूमत की भारत के खिलाफ नफरत का संदेश फैलाने की योजना है।
सूफी विचारधारा पर आधारित संगठन आल इंडिया तन्जीम उलमा-ए-इस्लाम ने ऐलान किया है कि भारत में रहने वाले अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक समुदायों के लोग 5 फरवरी को आतंकवाद विरोधी दिवस मनायेंगे। हर वक्ता अपने भाषण में पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ बयान दे और उसके गलत व आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को बताये। मौलाना ने आगे कहा कि पाकिस्तानी हुकूमत कश्मीर के मुद्दे पर भारत को घेरने की असफल कोशिश कर रहा है।
वहीं, भारत ने इसे आंतरिक मुद्दा बताया है। मौलाना ने कहा कि कश्मीर भारत का अटूट अंग है जो किसी भी विदेशी हुकूमत के जरिये अलग नहीं किया जा सकता। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए कहा कि 1984 को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा ब्रिटेन में तैनात भारतीय राजनयिक रविंद्र म्हात्रे की निर्मम हत्या की गयी थी। पाकिस्तान जानबूझकर 5 फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस के रूप में मनाता है।
मौलाना ने कहा कि ओसामा बिन लादेन और मुल्ला उमर जैसे आतंकवादी और जैश-ए-मोहम्मद, लश्करे तैयबा और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों को पनाह देने वाला पाकिस्तान दुनिया में दहशतगर्दी फैलाने में अव्वल है। पाकिस्तानी हुकूमत को चाहिए कि आतंकवादी संगठनों पर तुरंत लगाम लगाये।
मौलाना ने अपने बयान में सभी देशवासियों से आह्वान किया है कि भारत में आतंकवाद विरोधी दिवस 5 फरवरी को मनाएं और दुनिया में हिंसा और आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाएं। यही इस्लाम मजहब का भी पैगाम है कि अमन व शांति कायम रहे।
