बरेली: बिचपुरी और चंद्रपुर में तनाव बरकरार, पीएसी तैनात

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अमृत विचार, बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण की रामगंगा नगर आवासीय योजना के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में मजार की भूमि को लेकर तनाव बरकरार है। स्थिति को देखते हुए पीएसी ने शुक्रवार को वहां डेरा जमा लिया। 8वीं बटालियन के जवानों को शिविर लगाकर सतर्कता बरतने का आदेश दिया गया है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे। …

अमृत विचार, बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण की रामगंगा नगर आवासीय योजना के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में मजार की भूमि को लेकर तनाव बरकरार है। स्थिति को देखते हुए पीएसी ने शुक्रवार को वहां डेरा जमा लिया। 8वीं बटालियन के जवानों को शिविर लगाकर सतर्कता बरतने का आदेश दिया गया है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे।

सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी मजार की भूमि के पास भीड़ जमा नहीं होने दे रही थी। दूसरी तरफ, दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने चंदपुर बिचपुरी में मज़ार को दोबारा और जल्द बनाने को लेकर जमात के प्रतिनिधिमण्डल ने बीडीए वीसी के साथ बैठक की। इसमें वीसी जोगिंदर सिंह ने आश्वासन दिया है कि निर्धारित स्थान पर मजार का निर्माण किया जाए तो बीडीए आपत्ति नहीं करेगा।

गुरुवार को रास्ते की भूमि से मजार का मलबा और कुछ गिरे हिस्से को हटाने के लिए बीडीए की टीम पहुंची थी। इसे लेकर बिचपुरी और चंद्रपुर गांवों के सैकड़ों लोग घरों से निकल पड़े थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। दोपहर बाद काजी-ए-हिंदुस्तान असजद रजा खां कादरी के दामाद फरमान मियां आदि ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया था।

शुक्रवार सुबह दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफा से जुड़े डा. मेहंदी हसन, पार्षद शमीम अहमद, मोईन और सपा नेता हैदर अली ने बीडीए वीसी के साथ बैठक की। इसमें वीसी से मजार को फिर से बनाने को कहा गया। वीसी ने पहले तय हुई बात के अनुसार मजार फिर से बनवाने का आश्वासन दिया। इसके लिए मजार की भूमि का माप पहले से ही तय हो चुका है जिसके आधार पर निर्माण होगा।

आशियाना उजड़ने की आशंका से भयभीत हैं ग्रामीण
चंद्रपुर और बिचपुरी के ग्रामीणों को आशियाना उजड़ने का डर सता रहा है। बीडीए उन्हें पहले ही मकान खाली करने के लिए नोटिस भेज चुका है। बीडीए मुआवजा देने को तैयार है लेकिन कुछ किसान उसे लेने को तैयार नहीं हैं। बीडीए की भूमि पर कुछ किसान खेती भी कर रहे हैं।

बीडीए के लिए इसी क्षेत्र में पड़ने वाले 800 मकान ध्वस्त करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। बीसलपुर रोड पर बीडीए का रामगंगा आवासीय योजना पर काम चल रहा है। भूमि अधिग्रहण करने के बाद बीडीए 90 फीसदी किसानों को मुआवजा भी दे चुका है। कुछ किसानों ने मुआवजे की रकम नहीं ली है। इस वजह से कार्य कराना मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं कुछ ने तो भूमि को गलत तरीके से बेच भी दिया है।

ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत साइंस एंड टेक्नालॉजी पार्क की बांउड्री का निर्माण भी शुरू हो गया है। बीसलपुर रोड से डोहरा रोड को मिलाने वाली 45 मीटर चौड़ी जोनल सड़क का निर्माण अभी हाल ही में कब्जा हटाने के बाद शुरू किया गया है। इसी तरह सबसे बड़ा पेंच तो बिचपुरी, चंद्रपुर, डोहरा लालपुर गांव की भूमि को लेकर फंसा है।

यहां करीब 800 भवन बीडीए के क्षेत्र में आ रहे हैं जिन्हें ध्वस्त करने के लिए नोटिस भेजा गया है। इन भवन स्वामियों को मुआवजा देने के लिए बुलाया जा रहा है। अब देखना है कि बीडीए इन मकानों पर कब कार्रवाई करता है। इसे लेकर गांव के लोगों में भी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मकान बनाने के लिए उनके पास कोई दूसरी जगह नहीं है। आखिर बीडीए के पूर्व के अधिकारियों ने बैनामा कराने से क्यों नहीं रोका? सभी के मकान उस समय के हैं जब बीडीए का पता नहीं था। इसे लेकर बीडीए प्रताड़ित करने का कार्य कर रहा है।

धरातल पर उतरे ड्रीम प्रोजेक्ट तो संवर जाए इलाका
बरेली। रामगंगा नगर आवासीय योजना के क्षेत्र में गाजियाबाद की तर्ज पर विज्ञान एंड टेक्नोलाजी पार्क इसी साल बनाना है। पार्क के लिए बाउंड्री तैयार की जा रही है। इसमें सात एकड़ जमीन पर साइंस पार्क का निर्माण किया जाना है। इसमें बच्चे खेल-खेल में ही भौतिक विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों (उत्तोलक कैसे काम करते हैं, गुरुत्वाकर्षण आदि) के बारे में जान सकेंगे। इसमें बच्चों के मनोरंजन के साथ ही ज्ञान हासिल करने के लिए विशेष संसाधन लगाए जाएंगे। साथ ही सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। इसमें रामगंगा नगर में जापान के वनस्पति विज्ञानी पद्धति पर करीब 8.50 हेक्टेयर भूमि पर सिटी फॉरेस्ट विकसित करने का खाका तैयार कर लिया गया है। इस पद्धति की खासियत यह है कि इससे तैयार होने वाले जंगल लगभग दो साल में घने हो जाते हैं। इसमें लोगों को घने जंगल में घूमने जैसा अहसास होगा।

बीडीए ने सील किया रेस्टोरेंट
विनोद कुमार बिष्ट के द्वारा स्टेडियम रोड पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए भूतल, प्रथमत ल व द्वित्तीय तल पर टिन शेड का निर्माण कर स्वाद रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा था। बीडीए ने रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। शुक्रवार को अनधिकृत स्वाद रेस्टोरेंट परिसर को प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा सील कर दिया गया

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