बरेली: मोटी रकम खपाकर अक्षर विहार पार्क के कैंटीन भवन पर चलवाए हथौड़े
अमृत विचार, बरेली। पहले अक्षर विहार पार्क के सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये खपाए। अब अमृत योजना की धनराशि से पार्क परिसर में बनाई गई कैंटीन भवन के अंदर हथौड़े चलवाए जा रहे हैं। नगर निगम के जिम्मेदारों ने भवन बनवाने के दौरान आंख मूंदकर रकम खपा दी। यह ध्यान नहीं दिया कि कैंटीन …
अमृत विचार, बरेली। पहले अक्षर विहार पार्क के सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये खपाए। अब अमृत योजना की धनराशि से पार्क परिसर में बनाई गई कैंटीन भवन के अंदर हथौड़े चलवाए जा रहे हैं। नगर निगम के जिम्मेदारों ने भवन बनवाने के दौरान आंख मूंदकर रकम खपा दी। यह ध्यान नहीं दिया कि कैंटीन भवन में छोटी-छोटी रसोई बनाई गई हैं, उनका प्रयोग क्या रहेगा।
अनदेखी की वजह से सरकारी धन की अब बर्बादी हो रही है। शुक्रवार को कैंटीन भवन के फ्रंट में गिरे शटर और तालाब की तरफ से दरवाजे बंद कर कई कर्मचारी अंदर से छोटी-छोटी रसोई की दीवारों को तोड़ रहे थे। बीम तक तोड़ने की नौबत आ गई। कई बीम के सरिया के जाल काटे।
इसमें सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि नगर निगम ने इस कैंटीन भवन को ठेके पर दिया लेकिन ठेकेदार ने इसमें कोई कार्य नहीं किया। ऐसे में कैंटीन भवन में तोड़फोड़ कौन करा रहा है, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नगर निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि उनके कर्मचारी तोड़फोड़ नहीं कर रहे और न ही ठेकेदार को तोड़फोड़ करने की अनुमति दी गई है।
वहीं, ठेकेदार ने साफ कहा है कि ठेका लिया है लेकिन उनका कोई कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। भवन में हथौड़े कौन चला रहा है, यह हमें नहीं मालूम। कैंटीन भवन के निर्माण में अमृत योजना का मोटा बजट खर्च हुआ है। महंगी टाइल्स लगाई गई हैं।
कैंटीन भवन ठेके पर दिया गया है। भवन के अंदर दीवारों तोड़ने की बात मालूम नहीं। किसी को किसी प्रकार से तोड़फोड़ करने की अनुमति नहीं दी गई है। यदि ऐसा हुआ है तो मैं दिखवाऊंगा।
-संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम
पार्क के मुख्य गेट पर फव्वारा बनाने की तैयारी
अक्षर विहार पार्क के मुख्य गेट पर जल तरंगों वाला फव्वारा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। गुरुवार से दो राजमिस्त्री फव्वारे का निर्माण कार्य कर रहे हैं। ये कार्य अमृत योजना के तहत कराए जा रहे हैं। पार्क पहले से साफ सुथरा लग रहा है। गांधी उद्यान के पांच मालियों ने बच्चों के पार्क को साफ किया। एक माली ने मशीन से घास काटी। शुक्रवार को नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान अक्षर विहार पार्क पहुंचे और मालियों को ठीक से सफाई करने के निर्देश दिए। संजीव प्रधान ने बताया कि पार्क में घुसते ही रास्ते के दोनों तरफ जल तरंगें स्वागत करेंगी। ऐसा फाउंटेशन बनाया जा रहा है।
