बरेली: सेटेलाइट पर सवारी भरने को लेकर मारपीट, हंगामे के बीच लगा जाम

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। यातायात पुलिस की साठगांठ से सड़क पर टेंपो खड़े कर सवारियां भरने को लेकर सोमवार को हंगामा हो गया। सेटेलाइट चौराहे पर टेंपो चालकों और रोडवेज बस चालकों में सवारियां भरने को लेकर झगड़ा हो गया। विवाद बढ़ने के बाद मारपीट शुरू हो गई। बीच सड़क पर मारपीट होने के दौरान वाहनों …

अमृत विचार, बरेली। यातायात पुलिस की साठगांठ से सड़क पर टेंपो खड़े कर सवारियां भरने को लेकर सोमवार को हंगामा हो गया। सेटेलाइट चौराहे पर टेंपो चालकों और रोडवेज बस चालकों में सवारियां भरने को लेकर झगड़ा हो गया। विवाद बढ़ने के बाद मारपीट शुरू हो गई। बीच सड़क पर मारपीट होने के दौरान वाहनों की कतार लग गई और सेटेलाइट चौराहे पर जाम लग गया।

बस चालकों और परिचालकों ने मिलकर एक टेंपो चालक को खूब पीटा। नजदीक पुलिस चौकी होने के बाद भी पुलिस देर से पहुंची। पुलिस ने वाहनों को सड़क से हटवाया। पुलिस तीन लोगों को पकड़कर पुलिस चौकी ले गई। उसके बाद रोडवेज के पदाधिकारी भी चौकी में पहुंच गए और बस चालक को पकड़ने को लेकर चौकी में मौजूद पुलिस कर्मियों से उलझने लगे। उसके बाद थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक सभी ने आपस में ही मामले का निपटारा कर लिया।

सेटेलाइट चौराहे पर चारों तरफ ऑटो व बसों के सड़क पर खड़े होने की वजह से पीछे से आ रहे वाहन चालकों को दिक्कत होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत बस अड्डे के ठीक सामने होती है क्योंकि रोडवेज की बसें बस अड्डे की हद से बाहर निकलकर खड़ी होती हैं। उसके बाद कुछ बसें बस अड्डे के बाहर से ही सवारियां भरकर निकलती हैं।

इसी वजह से ऑटो-टेंपो वाले भी बस के आसपास सड़क पर ही खड़े हो जाते हैं। इसकी वजह से ईसाइयों की पुलिया की ओर से आने वाले वाहनों की रफ्तार थम जाती है। इसके अलावा बसों के बस अड्डे में प्रवेश करने के दौरान मुड़ने की वजह से भी जाम लगता है। कुछ दिनों पहले नए एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह ने भी इस समस्या को देखा था और रोडवेज के अधिकारियों से बात करके समस्या के समाधान की बात कही थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

सोमवार दोपहर में हमेशा की तरह रोडवेज की बस सड़क पर आगे खड़ी थी। उसके आगे ऑटो ड्राइवर रोहित ने सवारी भरने को लेकर ऑटो खड़ा कर दिया। जब बस चलने को हुई तो बस चालक ने ऑटो हटाने के लिए बोला। ऑटो हटाने में देरी होने पर चालक ने झगड़ा शुरू कर दिया।

जब ऑटो वाले ने विरोध किया तो कई अन्य चालक व परिचालक साथ में आ गए और उसकी जमकर पिटाई कर दी। ऑटो चालक के चेहरे पर खरोंच के निशान भी आ गए। सेटेलाइट पुलिस पिकेट पर मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और झगड़ा कर रहे लोगों को पकड़कर पिकेट में लेकर गई। सभी को अंदर बैठा दिया।

इसके बाद रोडवेज के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और चालक को अंदर बैठाने का विरोध करने लगे। इसे लेकर जमकर कहासुनी हुई। चौकी में मौजूद अकेले पुलिसकर्मी ने फिर अपने साथी भी बुला लिए और थाना प्रभारी शितांशु शर्मा को भी मामले की जानकारी दी। पुलिस कार्रवाई होने के डर से बाद में सभी ने समझौता कर लिया लेकिन इस झगड़े की वजह से चौराहे पर लंबा जाम लग गया। चौराहे पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने वाहनों को हटवाकर जाम खुलवाया।

चौराहों से नहीं हटा पा रहे ऑटो-टेंपो
चौराहों पर यातायात में किसी तरह की बाधा न हो इसके लिए 50 मीटर की दूरी तक कोई भी ऑटो-टेंपो या अन्य वाहन खड़े नहीं हो सकते हैं लेकिन बरेली में किसी भी चौराहे पर इस नियम का पालन ट्रैफिक पुलिस नहीं करवा पा रही है। जब भी कोई नए एसपी ट्रैफिक आते हैं तो यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के दावे करते हैं और ऑटो-टेंपो को भी चौराहे से हटाने के इंतजाम की बात करते हैं लेकिन कुछ दिनों बाद हालात वैसे ही हो जाते हैं।

सेटेलाइट चौराहे की बात करें तो 50 मीटर तो बहुत दूर यहां तो मुख्य मोड़ पर ही चारों तरफ ऑटो-टेंपो खड़े रहते हैं। श्यामगंज की बात करें तो यहां भी बीच चौराहे पर ही ऑटो-टेंपो सवारी भरते हैं। बरेली कॉलेज के मुख्य द्वार पर ही ऑटो-टेंपो रास्ता बंद कर देते हैं। चौपुला चौराहे पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बावजूद नीचे ही ऑटो-टेंपो खड़े हो रहे हैं। चौकी चौराहा, नावल्टी चौक, बीसलपुर चौक समेत शहर के अन्य हिस्सों में इसी तरह के हालात हैं। इन सभी प्रमुख स्थानों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस भी खड़ी होती है लेकिन कभी-कभार इन्हें हटाने का प्रयास कर खानापूर्ति की जाती है। इसके अलावा हर समय चौराहे पर ही ऑटो-टेंपो सवारी भरते हैं। एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह ने बताया कि जल्द ही चौराहे से 50 मीटर दूर ऑटो-टेंपो को हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

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