बरेली: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से रामगंगा नदी का पानी होगा साफ

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। रामगंगा नदी को स्वच्छ बनाने को शहर के लिए 35 एमएलडी का एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) मई माह में बन कर तैयार हो जाएगा। यह बरेली मंडल का सबसे अधिक क्षमता वाला एसटीपी होगा। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत प्लांट सरायतलफी में 88 करोड़ से बनाया जा रहा है। कार्यदायी संस्था टेक्नो …

अमृत विचार, बरेली। रामगंगा नदी को स्वच्छ बनाने को शहर के लिए 35 एमएलडी का एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) मई माह में बन कर तैयार हो जाएगा। यह बरेली मंडल का सबसे अधिक क्षमता वाला एसटीपी होगा। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत प्लांट सरायतलफी में 88 करोड़ से बनाया जा रहा है। कार्यदायी संस्था टेक्नो ने मई तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शहर से हर रोज निकलने वाला 340 मिलियन लीटर गंदा पानी सीवर ट्रीटमेंट किए बगैर राम गंगा नदी में जा रहा है। इतना ही नहीं, शहर के उद्योग धंधों की इकाईयों से रोज निकलने वाला 20 मिलियन लीटर पानी भी नदियों में ही जा रहा है। इससे बरेली की पावन नदियों का पानी गंदा हो रहा है।

जनपद से होकर गुजरने वाली रामगंगा नदी में शहर के सीवर, ड्रेनेज और उद्योगों का गंदा पानी नदी में गिरने से इसका पानी प्रदूषित हो रहा है। सराय तलफी और बाकरगंज के पास गुजरने वाली किला नदी का पानी शहर के गंदा पानी से काला हो चुका है। यह पानी ऊंचा गांव के पास रामगंगा में गिरता है। एसटीपी के तैयार हो जाने से नदियों का पानी निर्मल हो जाएगा।

इस तरह पानी होगा स्वच्छ
शहर के नालों को दूषित पानी को स्वच्छ करने के लिये सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सराय तलफी में स्थापित हो रहा है। इस प्लांट पानी को स्वच्छ कर इसका उपयोग कपड़े धोने समेत अन्य कार्य में प्रयोग हो सकता है। यह लोगों के पीने के लायक नहीं होगा।प्लांट में मुख्य पंपिंग स्टेशन के अलावा 100 मीटर लंबी राइजिंग मेन और 1800 मीटर लंबी इंफ्लुएंट पाइप लाइन भी लगेगी। सेंट्रल जोन के सीवेज को मेन पंपिंग स्टेशन से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट करने के बाद इंफ्लुएंट पाइप लाइन के जरिए नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इसी से नदियों का प्रदूषण रुकेगा।

एसटीपी प्लांट का तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रयास है कि मई तक एसटीपी को चालू करा दिया जाए। इसके हो जाने से रामगंगा नदी को जीवदान मिल जाएगा। -संजय कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम

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