बरेली: फर्जी नौकरी के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट भी बनाए फर्जी

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। 300 बेड कोविड अस्पताल में तीन सौ बेड अस्पताल में नौकरी के नाम पर कई लोगों से ठगी के मामले में पुलिस अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पुलिस मुख्य आरोपी विकास को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है ताकि उससे पूछताछ में पूरे खेल का पता चल …

अमृत विचार, बरेली। 300 बेड कोविड अस्पताल में तीन सौ बेड अस्पताल में नौकरी के नाम पर कई लोगों से ठगी के मामले में पुलिस अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पुलिस मुख्य आरोपी विकास को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है ताकि उससे पूछताछ में पूरे खेल का पता चल सके। पुलिस जांच में सामने आया है कि सीएमओ कार्यालय में पीड़ितों के फर्जी मेडिकल कराए गए थे और उन्हें सर्टिफिकेट भी फर्जी तैयार करके दे दिए गए।

पुलिस पूछताछ में सीएमओ ऑफिस ने किसी भी तरह के मेडिकल से इनकार किया। अब पुलिस लिखित में इसका रिपोर्ट मांगेगी। पुलिस की जांच में अस्पताल के कर्मचारी ताहिर की भूमिका संदिग्ध मिली है। पुलिस विकास यादव व पीड़ितों के बीच ऑडियो बातचीत को भी आधार बना रही है। इसमें विकास कह रहा है कि वह काम न होने पर उनके पैसे वापस कर देगा।

बता दें कि कोविड अस्पताल में ठगी के मामले में 3 फरवरी को कोतवाली में महिला अस्पताल के बड़े बाबू कुलदीप शर्मा, सीएमएस ऑफिस के वार्ड ब्वाय ताहिर, बॉबी और विकास यादव के खिलाफ धोखाधड़ीरिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले सबूत जुटाने के प्रयास किए। इसी का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी विकास फरार हो गए। जब पुलिस के हाथ कुछ सबूत आए तो अब वह हत्थे नहीं चढ़ रहा है।

पुलिस ने कई पीड़ितों के बयान लिए लेकिन गिरफ्तारी न होने पर पीड़ितों ने केंद्रीय मंत्री व पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने मामले में विकास का वारंट लेने का आदेश दिया। हालांकि पुलिस ने अभी तक वारंट के लिए कोर्ट में अप्लाई नहीं किया है। पुलिस उसे पहले ही किसी तरह से गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है।

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