बरेली: अभ्युदय योजना का उद्घाटन, 16 फरवरी से शुरू होंगी कक्षाएं
अमृत विचार, बरेली। अभ्युदय योजना की सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शुरुआत की। बरेली में इस कार्यक्रम का प्रसारण जीआईसी, बरेली कॉलेज और विश्वविद्यालय में हुआ। इस दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कांफ्रेंस के बाद कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने अभ्युदय योजना के लिए चयनित छात्रा काजल से दीप प्रज्ज्वलित कराकर …
अमृत विचार, बरेली। अभ्युदय योजना की सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शुरुआत की। बरेली में इस कार्यक्रम का प्रसारण जीआईसी, बरेली कॉलेज और विश्वविद्यालय में हुआ। इस दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कांफ्रेंस के बाद कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने अभ्युदय योजना के लिए चयनित छात्रा काजल से दीप प्रज्ज्वलित कराकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
वहीं, बरेली कॉलेज में सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग तो विश्वविद्यालय में ट्रेनी आईएएस जुनैद अहमद ने बच्चों को संबोधित किया।
कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने कहा कि जरूरी नहीं कि कोई भी परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग की जाए। यदि छात्र को खुद पर भरोसा है तो वह कोई भी परीक्षा उत्तीर्ण कर सकता है।
कमिश्नर बोले कि उन्होंने कभी भी आईएएस की कोचिंग नहीं की। जो भी पढ़ा वह खुद से पढ़ा और आज वह कमिश्नर हैं। उन्होंने बताया कि आईएएस की पढ़ाई के दौरान वह और उनके भाई दोनों एक साथ तैयारी करते थे। आज दोनों कमिश्नर हैं। सफलता के लिए छात्रों को स्वयं तैयारी करनी होगी। इसमें कोई जबरदस्ती नहीं चलती। जब तक मन से अध्य्यन नहीं होगा तब तक सफलता नहीं मिल सकती।
अंत में उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का एक या दो सप्ताह में टेस्ट भी लिया जाएगा। डीएम नितीश कुमार ने कहा कि जिस विषय की पढ़ाई अच्छा लगती है उसी विषय को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए चुनें। ऐसा नहीं कि मन है मेडिकल में जाने का और पढ़ाई कर रहे हैं आईएएस की, तो सफलता नहीं मिलेगी। जो पढ़ें उसे मन लगाकर पढ़ें और समझें, सफलता मिलकर रहेगी।
विश्वविद्यालय में करीब 900 छात्र हुए शामिल
अभ्युदय योजना के शुभारंभ के दौरान विश्वविद्यालय में करीब 900 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इसमें एमबीए हॉल में करीब 300 और 10 स्मार्ट क्लासरूम में करीब 600 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस और आईटी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, एनिमल साइंस, प्लांट साइंस, एमबीए आदि विभागों की कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम के रूप में इस्तेमाल किया गया।
कार्यक्रम में शामिल आईएएस टॉपर की लिस्ट में रहे (ट्रेनी आईएएस) जुनैद अहमद ने छात्र-छात्राओं के साथ मूर्त रूप से संवाद स्थापित कर उन्हें इस योजना की महत्ता के साथ-साथ विषय गत ज्ञान भी दिया। कार्यक्रम में अनिल बिष्ट, पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. राकेश मौर्या, प्रोफेसर मनीष राय, प्रकाश मिश्रा, अश्वनी कुमार, डॉ. ओपी उपाध्याय, प्रोफेसर एके गुप्ता, डॉ. अतुल सरोजवाल, डॉ. आभा त्रिवेदी, प्रोफेसर जैन मौर्य, आलोक सक्सेना, आशीष मिश्रा, डॉ. अमित सिंह, तपन वर्मा, आशीष आदि मौजूद रहे।
लॉकडाउन में कोटा में फंसे छात्र तो आया अभ्युदय का विचार
कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब लाकडाउन में कोटा (राजस्थान) में यूपी के बच्चे फंसे थे। वे अपने परिवार के पास आने के लिए छटपटा रहे थे मगर उनकी मदद नहीं हो पा रही थी।
ये बच्चे सिर्फ कोचिंग करने वहां गए थे। तब सोचा कि कुछ अलग करके बच्चों को शिक्षा दी जाए जिससे उन्हें कहीं और न जाना पड़े। तभी इस योजना से सभी आईएएस, पीसीएस और उच्चाधिकारियों को जोड़ा। उन्होंने बताया कि 50 लाख लोगों ने इस योजना को लाइक किया है और पहले चरण में 5 लाख अभ्यर्थियों ने टेस्ट पास किया है।
