बरेली: अफसर बदलते रहे लेकिन जांच जहां की तहां ठहरी रही
अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड डिपों में वर्ष 2013 से 2015 तक 12 इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीमए) गायब हुई थी। दो जांच अधिकारियों के बदलने के बाद भी इस प्रकरण की जांच अभी लटकी हुई है। मामले का खुलासा होने के बाद शुरूआत में ही एक परिचालक की संविदा समाप्त कर दी गई थी, मगर इसमें …
अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड डिपों में वर्ष 2013 से 2015 तक 12 इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीमए) गायब हुई थी। दो जांच अधिकारियों के बदलने के बाद भी इस प्रकरण की जांच अभी लटकी हुई है। मामले का खुलासा होने के बाद शुरूआत में ही एक परिचालक की संविदा समाप्त कर दी गई थी, मगर इसमें संलिप्त अन्य दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई। जांच करीब छह साल से लंबित है लेकिन पहली बार में हुई जांच पर सवाल उठा दिए गए। इसके बाद यह जांच सेवा प्रबंधक को सौंपी गई, लेकिन इसकी जांच रिपोर्ट अब तक तैयार नहीं हुई है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (वित्त) की जांच रिपोर्ट में दो परिचालकों को दोषी नहीं माना गया था। इस समय दोनों बाबू के पद पर बरेली डिपो में तैनात है। शिकायतकर्ताओं ने इस जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए गए। आरोप था कि निचले स्तर पर रकम खिलाकर मुख्य दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इस पर तत्कालीन आरएम एसके बनर्जी ने इसकी जांच रिपोर्ट सेवा प्रबंधक को सौप दी, मगर अब तक सेवा प्रबधंक जांच रिपोर्ट तैयार नहीं कर सके हैं।
संविदा कर्मी के नाम से हुई थी शिकायत
मामले में जब एआरएम वित्त की रिपोर्ट आई और उसमें दो बाबूओं के दोषी नहीं माना गया तो शिकायतकर्ताओं में हलचल मच गई। उन्होंने संविदा समाप्त संविदा कर्मी के नाम से एक शिकायत की। जिसमें जांच गलत तरीके से होने की बात कही थी मगर जब शिकायतकर्ता से बात की तो उसने एक शपथ पत्र दिया, जिसमें उसने शिकायत न करने की बात कही थी। इसके बाद भी जांच को दूसरे अधिकारियों के पास भेज दिया गया।
ईटीएम चोरी प्रकरण की अभी मुझे पूरी जानकारी नहीं है। सेवा प्रबंधक से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा है। – आरके त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक, बरेली रीजन
