पंचायत चुनाव: 113 सीटें महिला ओबीसी और 97 सीटें महिला अनुसूचित जाति के लिए
राकेश शर्मा, बरेली। सालभर से ब्लॉक प्रमुख बनने के सपने देखने वाले पुरुष दावेदारों को बड़ा झटका लगा है। क्षेत्र पंचायत प्रमुख पदों के आरक्षण ने राजनीतिक दलों के सभी समीकरण बिगाड़ दिए हैं। दावेदार जिन सीटों के लिए क्षेत्र पंचायत में पकड़ मजबूत करने में जुटे थे, सरकार ने वे सीटें महिला पदों के …
राकेश शर्मा, बरेली। सालभर से ब्लॉक प्रमुख बनने के सपने देखने वाले पुरुष दावेदारों को बड़ा झटका लगा है। क्षेत्र पंचायत प्रमुख पदों के आरक्षण ने राजनीतिक दलों के सभी समीकरण बिगाड़ दिए हैं। दावेदार जिन सीटों के लिए क्षेत्र पंचायत में पकड़ मजबूत करने में जुटे थे, सरकार ने वे सीटें महिला पदों के लिए आरक्षित कर दीं। इससे दावेदारी करने की तैयारी कर रहे नेताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। दावेदार राजनीतिक दलों के हाईकमान से संपर्क कर परिवार की महिलाओं को टिकट दिलाने की जोड़-तोड़ में जुट गए हैं।
राज्य सरकार ने आरक्षण की जो सूची जारी की है उसमें राज्य में 300 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें 113 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। वहीं, 97 सीटें अनूसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
आरक्षण सूची ने साफ संदेश दे दिया है कि सरकार पिछड़ी जाति के लोगों के उत्थान के लिए भी सोच रही है। इनमें बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर जनपद में पांच-पांच सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। बरेली मंडल में पीलीभीत को छोड़ अन्य तीनों जनपदों में अनुसूचित जनजाति, अनूसचित जाति और पिछड़ा वर्ग के लिए महिलाओं की सीटें एक जैसी आरक्षित की हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-कौन सी सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ेंगी।
राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायत के स्थानों और पदों के आरक्षण और आवंटन से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से क्षेत्र पंचायत प्रमुख पदों के आरक्षण की सूची जारी की गई है। राज्य में 826 क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग की सीटों के लिए बहुत कम आरक्षण घोषित हुआ है।
ये है बरेली मंडल, मुरादाबाद रामपुर की स्थिति
बरेली जनपद में 15 विकास खंड हैं। इसमें अनूसचित जनजाति वर्ग की एक सीट महिला, ओबीसी वर्ग की दो सीटें व दो अन्य सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं। बदायूं में 15, शाहजहांपुर में भी 15 विकास खंड हैं। इसमें बरेली का जैसी ही महिलाओं को सीटें आरक्षित की गई हैं। वहीं, पीलीभीत जनपद में 7 विकास खंड हैं।
इसमें तीन सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं। एक सीट अनूसचित जनजाति, ओबीसी व एक सामान्य सीट घोषित है। वहीं, मुरादाबाद में आठ विकास खंड हैं जिनमें तीन सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। पीलीभीत जनपद की तरह रामपुर में भी आरक्षण घोषित हुआ है। रामपुर में छह विकास खंड हैं। इनमें दो सीटों में एक सीट अनूसचित जनजाति और एक ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुई है।
प्रशासन पदों के आवंटन का प्रस्ताव तैयार करने में जुटा
राज्य सरकार ने सिर्फ जनपदों की सीटों में कितनी अनूसचित जनजाति, अनूसचित जाति और ओबीसी महिला के लिए आरक्षित की हैं। इसकी सूची उपलब्ध कराई है लेकिन जनपद में कौन-कौन सीट महिला आरक्षित हुई है। इसका प्रस्ताव जिला प्रशासन को तैयार कराना है। विकास भवन स्थित जिला पंचायती राज विभाग जिला पंचायत अध्यक्ष को छोड़कर अन्य सभी पदों पर आरक्षण घोषित करने की तैयारी में जुटा है।
