मुरादाबाद: एसएसपी कार्यालय के सामने युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास

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मुरादाबाद। धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने और विवेचक द्वारा फाइनल रिपोर्ट लगाने से खफा ग्रामीण ने शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। भरी दोपहर में कार्यालय के सामने पहुंचकर उसने खुद पर पेट्रोल डाल लिया। यह नजारा देख वहां मौजूद पुलिस कर्मियों के होश उड़ …

मुरादाबाद। धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने और विवेचक द्वारा फाइनल रिपोर्ट लगाने से खफा ग्रामीण ने शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। भरी दोपहर में कार्यालय के सामने पहुंचकर उसने खुद पर पेट्रोल डाल लिया। यह नजारा देख वहां मौजूद पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। इससे पहले वह खुद को आग लगाता, दौड़कर पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उसे थाना सिविल लाइंस पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

ग्रामीण द्वारा आत्मदाह का प्रयास दोपहर करीब साढ़े बारह बजे किया गया। सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विशनपुर उर्फ भीमाठेर निवासी नियाज खां दोपहर में कार्यालय के सामने पहुंचा। कुछ देर टहलने के बाद वह बोतल में पेट्रोल लेकर आया, जिसे कार्यालय के गेट पर उसने अपने ऊपर डालना शुरू कर दिया। यह नजारा देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। दौड़कर पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। उसके हाथ से माचिस छीन ली। जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उसे सिविल लाइंस पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

पूछताछ में उसने बताया कि लाजपतनगर निवासी ओमप्रकाश से भीमाठेर में उसने प्लाट का सौदा किया था। पौने अठारह लाख में सौदा तय होने पर उसने आठ लाख रुपए बतौर एडवांस दे दिए थे। करीब एक साल पहले उसने अधिवक्ता के चेंबर में शेष पौने सात लाख रकम का भुगतान कर दिया। रकम लेने के बाद ओमप्रकाश व उसका बेटा वैभव बैनामा कराने गए। लेकिन, सर्वर डाउन होने के कारण बैरंग लौट आए।

नियाज के अनुसार पिता-पुत्र ने अगले दिन बैनामा कराने की बात कही। लेकिन, बाद में मुकर गए। कई बार कहने के बाद भी उन्होंने बैनामा नहीं कराया तो 27 जून 2020 को उसने सिविल लाइंस कोतवाली में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। उसका आरोप था कि इस मामले में विवेचक ने आरोपियों से साठगांठ कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद से वह लगातार न्याय के लिए चक्कर काट रहा है। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उसने विवेचक की शिकायत आईजी से भी की थी। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई।

आर्थिक तंगी से तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला लिया। सीओ अनिल कुमार यादव ने बताया कि ग्रामीण नियाज के खिलाफ आईपीसी की धारा 309 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला भी दर्ज किया गया है।

 

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