बरेली: 52 महीने बाद अपनों से मिली फुलवा तो परिजनों के चेहरे खिले
अमृत विचार, बरेली। 52 महीने बाद अपनों से बिछड़ी गीता उर्फ फुलवा जब शनिवार को अपने परिजनों से मिली तो सभी के चेहरे खिल उठे। फुलवा मानसिक रूप से बीमार होने पर अचानक गायब हो गई थी। वह मीरगंज थाना पुलिस को भटकती मिली थी। वह आश्रय स्थल में रह रही थी। मनोसमर्पण मनोसामाजिक सेवा …
अमृत विचार, बरेली। 52 महीने बाद अपनों से बिछड़ी गीता उर्फ फुलवा जब शनिवार को अपने परिजनों से मिली तो सभी के चेहरे खिल उठे। फुलवा मानसिक रूप से बीमार होने पर अचानक गायब हो गई थी। वह मीरगंज थाना पुलिस को भटकती मिली थी। वह आश्रय स्थल में रह रही थी।
मनोसमर्पण मनोसामाजिक सेवा समिति के काउंसलर्स द्वारा उसकी काउंसिलिंग की गई। उसके बाद परिजनों से संपर्क कर उन्हें बरेली बुलाकर फुलवा को सुपुर्द कर दिया गया। मनोसमर्पण मनोसामाजिक सेवा समिति परामर्श मनोवैज्ञानिक शैलेश कुमार शर्मा ने बताया कि गीता पत्नी पृथ्वीराज बरा गजेगा मिलक रामपुर की रहने वाली है। उसके दो बेटी और एक बेटा है। वह अगस्त 2018 में मीरगंज थाना एरिया में भटकती हुई पुलिस को मिली थी।
एसडीएम, मीरगंज के आदेश पर उसे आशा ज्योति केंद्र, बरेली की टीम ने मानसिक मंदित आश्रय गृह और सह प्रशिक्षण केंद्र (ममता आश्रय) में भर्ती करा दिया था। पति ने उसे खोजने की बहुत कोशिश की लेकिन उसका पता नहीं चला। ममता आश्रय में उसका मानसिक चिकित्सालय, बरेली के मनोचिकित्सकों की देखरेख में उसका मानसिक इलाज हुआ जिससे गीता के मानसिक स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ।
संस्था की मनोवैज्ञानिक भारती कश्यप ने उसकी काउंसिलिंग की जिसके बाद उसने अपने परिवार का पता बताया। गीता द्वारा बताए गए पते पर शैलेश शर्मा पंहुचे और उसके परिवार को खोज निकाला। गीता की सलामती की खबर सुनकर उसके पति पृथ्वीराज को खुशी हुई और गीता को घर ले जाने को तैयार हो गए। शनिवार को गीता को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
