प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

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कोयंबटूर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को चुनावी राज्य तमिलनाडु में 12,400 रुपये की लागत वाली आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने तमिलनाडु में निवेली ताप बिजली परियोजना राष्‍ट्र को समर्पित की। यह लिग्नाइट आधारित ताप बिजली संयंत्र है जिसे 1000 मेगावाट की बिजली उत्पादन …

कोयंबटूर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को चुनावी राज्य तमिलनाडु में 12,400 रुपये की लागत वाली आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने तमिलनाडु में निवेली ताप बिजली परियोजना राष्‍ट्र को समर्पित की।

यह लिग्नाइट आधारित ताप बिजली संयंत्र है जिसे 1000 मेगावाट की बिजली उत्पादन क्षमता के हिसाब से तैयार किया गया है। इसमें 500 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। प्रधानमंत्री ने 709 मेगावाट की निवेली सौर ऊर्जा ताप बिजली परियोजना को भी राष्ट्र को समर्पित किया। यह तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, रामनाथपुरम और विरुदीनगर जिलों में लगभग दो हजार छह सौ 70 एकड़ भूमि पर स्‍थापित है। इस परियोजना पर 3000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है।

प्रधानमंत्री लोअर भवानी परियोजना प्रणाली के विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की आधारशिला भी रखी और वी ओ चिदम्‍बरनार बंदरगाह पर आठ लेन के कोरामपल्लम पुल और रेल ओवर ब्रिज का उद्घाटन किया। यह देश के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है। उन्होंने चिदंबरनार बंदरगाह पर पांच मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र पर आधारित ग्रिड का भी शिलान्यास किया।

मोदी ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत निर्मित घरों का उद्धाटन भी किया। इन घरों का निर्माण तमिलनाडु स्लम क्लीयरेंस बोर्ड ने किया है। इनमें तिरुप्पुर के वीरापंडी में 1280 घर, थिरुकुमारन नगर में 1248, मदुरै के राजक्कुर-फेज-2 में 1088 और त्रिची के इरुंगलुर में 528 घर शामिल हैं। इन घरों को 330 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कोयंबटूर, मदुरै, सलेम, तंजावुर, वेल्लोर, तिरुचिरापल्ली, तिरुप्पुर, तिरुनेलवेली और थुथुकुडी सहित नौ स्मार्ट शहरों में एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्रों (आई.सी.सी.सी.) की आधारशिला भी रखी। इन सभी केन्‍द्रों को लगभग 107 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा और ये 24 घंटे और सप्‍ताह के सात दिन सहायक प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) और कांग्रेस के बीच गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दोनों विपक्षी दलों के बीच अंतर्विरोध इतना है कि वे तमिलनाडु में सुशासन नहीं दे सकते। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दोनों दलों का गठबंधन ”भ्रष्टाचार के हैकाथॉन” जैसा है और उनकी फितरत ”लूट” है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज दो तरह की राजनीति देख रहा है। पहला है विपक्ष का कुशासन और भ्रष्टाचार जबकि दूसरा है राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का संवेदना भरा सुशासन। उन्होंने कहा, ”विपक्ष की राजनीति डराने धमकाने वाली और लोगों को प्रताड़ित करने पर आधारित है। द्रमुक जब भी सत्ता में आती है तो वह बाहुबल संस्कृति को बढ़ावा देती है। हर जिले में उनके पास असामाजिक तत्व हैं जो निर्दोष लोगों को परेशान करते हैं।”

उन्होंने कहा कि पूरे तमिलनाडु को पता है कि द्रमुक ने सत्ता में रहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के साथ कैसा व्यवहार किया था। उन्होंने कहा, ”मुझे उसे दोहराने की जरूरत नहीं है। औरतों के प्रति यह उनके व्यवहार को दर्शाता है। दुख की बात ये है कि जिन्होंने जयललिता जी को परेशान किया, उन्हें कांग्रेस और द्रमुक ने सम्मानित किया।” प्रधानमंत्री ने कहा कि द्रमुक और कांग्रेस का गठबंधन ”भ्रष्टाचार के हैकाथॉन” जैसा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”उनके नेता बैठते हैं और कैसे ‘लूटा’ जाए को लेकर मंथन करते हैं। जो सबसे अच्छा रास्ता बताता है उसे पद व मंत्रालय से नवाजा जाता है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवाद से ग्रसित दोनों पार्टियां अपने ”प्रथम परिवार” को लगातार ”लांच और रिलांच” करती रही है लेकिन अभी तक उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा, ”वहां लगातार पारिवारिक नाटक चल रहा है। कांग्रेस और द्रमुक अपने आंतरिक मामलों में इतने व्यस्त है कि वे तमिलनाडु में सुशासन प्रदान नहीं कर सकते।”

ज्ञात हो कि पूर्व मुख्यमंत्री एम करूणानिधि के पुत्र एम के स्टालिन द्रमुक का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि द्रमुक ने तो पूरे तमिलनाडु की पार्टी कहलाने का हक भी खो दिया है। उन्होंने कहा, ”पिछली बार उसे 25 साल पहले अपने दम पर सरकार बनाने का मौका मिला था। कांग्रेस और द्रमुक दोनों ही अंतर्विरोधों की शिकार हैं।”

तमिलनाडु में इसी साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होना हैं। भाजपा ने राज्य की सत्ताधारी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी, उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेलवम और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और नेता भी इस समारोह में उपस्थित थे।

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