विधानसभा चुनावों की घोषणा: कांग्रेस बोली- ‘क्या कोई कुटिल योजना है, लोग भाजपा को देंगे करारा जवाब’
नई दिल्ली। कांग्रेस ने चुनाव आयोग द्वारा चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि लोग भाजपा को ”इसकी जनविरोधी नीतियों” के लिए ”करारा जवाब” देंगे। विपक्षी दल ने यह भी उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए …
नई दिल्ली। कांग्रेस ने चुनाव आयोग द्वारा चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि लोग भाजपा को ”इसकी जनविरोधी नीतियों” के लिए ”करारा जवाब” देंगे। विपक्षी दल ने यह भी उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए बिना किसी ‘भय या पक्षपात’ के निष्पक्ष चुनाव कराएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल ने कहा, ”हमें विश्वास है कि चारों राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लोग भाजपा के कुशासन एवं जनविरोधी नीतियों का करारा जवाब देंगे।”
कांग्रेस के प्रशासन प्रभारी ने कहा, ”भाजपा पराजित होगी और एक बार फिर लोकतंत्र जीतेगा। लोगों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भावनाएं जागृत होंगी।” वहीं पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराए जाने को लेकर कुछ कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के निर्णय पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने पूछा कि क्या कोई ”कुटिल योजना” है? उन्होंने पूछा, ”अगर केरल- 140, तमिलनाडु-234 और पुडुचेरी- 30 (कुल 404 सीटों) पर चुनाव एक चरण में कराए जा सकते हैं तो असम-126 और पश्चिम बंगाल- 294 (कुल 420 सीट) के लिये सात-आठ चरणों की क्या जरूरत है? क्या कोई कुटिल योजना है?”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा का सहयोग करने का प्रयास किया है। अनवर ने कहा, ”मेरा मानना है कि यह जानबूझकर किया गया है और चुनाव आयोग ने भाजपा का सहयोग करने का प्रयास किया है।” वहीं बंसल ने नोटबंदी और जीएसटी जैसी नीतियों के लिए भाजपा की आलोचना की और कहा कि ईंधन के मूल्यों में बढ़ोतरी और महंगाई के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है।
ईवीएम पर विपक्ष के संदेह के बारे में पूछे जाने पर बंसल ने कहा, ”इस वक्त हमारी मांग का कोई मतलब नहीं है। चुनाव आयोग ने इसकी घोषणा कर दी है, मैं पूरी विनम्रता के साथ कहूंगा कि आज यह सवाल उचित नहीं है क्योंकि तारीखों की घोषणा हो गई है।” उन्होंने कहा, ”हम उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग नियमों के तहत बिना किसी भय या पक्षपात के निष्पक्ष चुनाव कराएगा।”
