बरेली: एसएसपी के नाम पर रुपये मांगने वाले कथित पत्रकारों को महिला ने चप्पलों से पीटा
अमृत विचार, बरेली। इंटरनेट पर न्यूज पोर्टल बनाकर कई फर्जी पत्रकार पीड़ितों से पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से पहचान बताकर मदद के नाम पर उगाही करने लगे हैं। जनपद में इस तरह के कई गैंग सक्रिय हैं। शनिवार को भी ऐसे ही एक गैंग का खुलासा पीड़ित महिला ने किया। महिला ने काम न होने पर जैसे …
अमृत विचार, बरेली। इंटरनेट पर न्यूज पोर्टल बनाकर कई फर्जी पत्रकार पीड़ितों से पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से पहचान बताकर मदद के नाम पर उगाही करने लगे हैं। जनपद में इस तरह के कई गैंग सक्रिय हैं। शनिवार को भी ऐसे ही एक गैंग का खुलासा पीड़ित महिला ने किया। महिला ने काम न होने पर जैसे ही पांच हजार रुपये लेने वाले तीन कथित पत्रकारों को एसएसपी ऑफिस के बाहर देखा तो उसका पारा चढ़ गया। उसने रुपये वापस मांगे और मना करने पर युवकों की चप्पलों से पिटाई शुरू कर दी।
इस दौरान पुलिस भी पहुंची लेकिन एक युवक भाग गया। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लेकर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एक दिन पहले मेरठ विश्वविद्यालय में भी एक फर्जी पत्रकार तमंचे के साथ पकड़ा गया था।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के रहपुरा चौधरी गांव की रहने वाली फरजाना दो दिन पहले अपने पति की पहली पत्नी के बच्चों से संपत्ति विवाद को लेकर एसएसपी कार्यालय में शिकायत करने गई थी। आरोप है एसएसपी आफिस में तीन युवक खुद को इलेक्ट्रानिक मीडिया का पत्रकार बताने लगे। उन्होंने जल्द ही कार्रवाई कराने के नाम पर महिला से प्रार्थना पत्र ले लिया और शाम को ही तीनों महिला के घर पहुंच गए।
आरोपी उसके पति से एसएसपी के नाम पर पांच हजार रुपये ले आए। बाद में पीड़िता के पति ने कथित पत्रकारों को पैसे देने की बात बताई। तब महिला ने कथित पत्रकारों के मोबाइल पर कॉल की। इसके बाद एक महिला ने गलत नंबर बताकर कॉल काट दी। दो दिन बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो महिला फिर से एसएसपी कार्यालय पहुंची।
इसी दौरान महिला को एसएसपी आफिस के बाहर आरोपी दिख गए। इसी दौरान महिला ने चप्पल निकालकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी शंकर को हिरासत में ले लिया है। शंकर, अवधेश और गुलाम मास्टर नामक युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
झुंड बनाकर खड़े होते हैं एसएसपी ऑफिस में
ऐसे कथित व फर्जी पत्रकार एसएसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट के बाहर झुंड बनाकर खड़े होते हैं। इन्हें खबरों से कम मतलब रहता है। ये सिर्फ ऐसे फरियादियों पर नजर रखते हैं जो काफी परेशान होते हैं और एसएसपी ऑफिस में अधिकारी के सामने पेश होकर बाहर आते हैं। बाहर आने पर उसकी खबर छापने या चैनल पर चलाने के नाम पर उससे पूछताछ करते हैं और बाइट भी लेते हैं। उसके बाद पीड़ित और आरोपी का मोबाइल नंबर भी लेते हैं। फिर दोनों के घर जाकर वसूली करते हैं। कई लोग तो शर्म के चलते मामले की शिकायत ही पुलिस से नहीं करते।
ऐसे पत्रकारों को लेकर एसएसपी ने कुछ दिन पहले सख्ती भी की थी। ऑफिस में माइक से अनाउंसमेंट भी करवाया था कि कोई भी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के नाम पर रुपये मांगे तो पुलिस से शिकायत करें। कुछ दिनों की सख्ती के बाद फिर से यह गैंग ऑफिस में खड़ा होने लगा है।
पहले भी पकड़े गए फर्जी पत्रकार
- करीब दो महीने पहले किला में तीन वाहन चोर पकड़े गए थे जिनमें से एक फर्जी पत्रकार भी था। उसने एक फर्जी चैनल की आईडी भी बना रखी थी।
- दो महीने पहले सीबीगंज में भी एक डिलीवरी मैन से भी फर्जी पत्रकारों ने गैस कम देने के नाम पर 20 हजार रुपये की वसूली की थी। वह एक कोटेदार को भी अपने झांसे में ले चुके थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
- चार महीने पहले किला में एक पीड़ित ने फर्जी पत्रकार के खिलाफ ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कमिश्नर ऑफिस में मिले युवक ने पत्रकार बताकर उससे ठगी की थी। उसे फर्जी आदेश भी थमाया था।
पत्रकार बनकर महिला से रुपये ठगने का मामला सामने आया है। महिला की सूचना पर एक युवक को पकड़ लिया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। – रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
