स्ट्रैंडजा मेमोरियल मुक्केबाजी: दीपक कुमार को रजत पदक से करना पड़ा संतोष

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नई दिल्ली। भारत के युवा मुक्केबाज दीपक कुमार 72वें स्ट्रैंडजा मैमोरियल टूर्नामेंट के 52 किग्रा वर्ग के फाइनल में बुल्गारिया के डैनियल एसोनोव से एक बेहद कड़े मुकाबले में हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में शनिवार को खेले गए इस फाइनल मुकाबले में बुल्गारिया के एसोनोव …

नई दिल्ली। भारत के युवा मुक्केबाज दीपक कुमार 72वें स्ट्रैंडजा मैमोरियल टूर्नामेंट के 52 किग्रा वर्ग के फाइनल में बुल्गारिया के डैनियल एसोनोव से एक बेहद कड़े मुकाबले में हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में शनिवार को खेले गए इस फाइनल मुकाबले में बुल्गारिया के एसोनोव ने दीपक को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता दीपक ने टूर्नामेंट में शुरू से ही शानदार प्रदर्शन किया और ओलंपिक एवं विश्व चैंपियन उज्बेकिस्तान के शाखोबीद्दीन जोईरोव को सेमीफाइनल मुकाबले में 4-1 से करारी शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी।

दीपक ने शुरू से ही रक्षात्मक ढंग से खेलना शुरू किया और मुकाबले के पहले राउंड में उन्हें एसोनोव के भारी मुक्कों का सामना करना पड़ा। हरियाणा के हिसार के रहने वाले दीपक ने दूसरे राउंड में एसोनोव पर कुछ कड़े प्रहार किए और मुकाबले में वापसी करने की पूरी कोशिश की। लेकिन तीसरे और अंतिम राउंड के आखिरी क्षणों में एसोनोव ने दीपक पर कड़े प्रहार किए और मुकाबले में जीत हासिल कर ली।

इस फाइनल मुकाबले के बाद 23 वर्षीय दीपक ने कहा, “ यह बेहद ही निराशाजनक है कि मैं इस मुकाबले में स्वर्ण पदक नहीं जीत सका लेकिन इसके बावजूद पिछले कुछ दिन मेरे लिए बहुत ही शानदार और सपने के सच होने जैसा रहे हैं। विशेष रूप से मुझे चैंपियन मुक्केबाज जोइरोव के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में खेलने का मौका मिला। मुझे अपने खेल पर अभी बहुत काम करना बाकी है और मैं भारत लौटकर अपने कोच के साथ मिलकर इस पर काम करूंगा।” टूर्नामेंट के 69 किग्रा वर्ग के एक अन्य मुकाबले में भारत के नवीन बोरा ने कांस्य पदक जीता है।

 

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