बरेली: त्योहार से पहले उद्योगों ने पकड़ी रफ्तार, खूब मिल रहे आर्डर

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल में परेशान कारोबारियों को त्योहारी सीजन में अच्छा व्यापार होने के संकते मिले हैं। उनका कहना है बाजार में कारोबार का स्वरूप बदला दिख रहा है। लाकडाउन के बाद अनलॉक की स्थिति में कारोबार व बाजार के सामने कई चुनौतियां रहीं। इनका डटकर मुकाबला किया। पहली बार रोजमर्रा में शामिल …

अमृत विचार, बरेली। कोरोना काल में परेशान कारोबारियों को त्योहारी सीजन में अच्छा व्यापार होने के संकते मिले हैं। उनका कहना है बाजार में कारोबार का स्वरूप बदला दिख रहा है। लाकडाउन के बाद अनलॉक की स्थिति में कारोबार व बाजार के सामने कई चुनौतियां रहीं। इनका डटकर मुकाबला किया।

पहली बार रोजमर्रा में शामिल सामानों के अलावा हार्डवेयर समेत इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की मांग बढ़ी है। डिमांड बढ़ने से उत्पादन में सुधार आया है। उत्पादन क्षमता 40 से 70 फीसदी तक पहुंच गई है। कारोबारियों का कहना है होली से पहले उद्योगों में बढ़ता उत्पादन शुभ संकेत माना जा रहा है। इससे उनका विश्वास अब बाजार में लौटता दिखाई दे रहा है। बाजार में खरीदार पहुंचने से अब जिन उद्योगों के पास ऑर्डर नहीं होते थे आज उनके पास अच्छे ऑर्डर हैं।

व्यापारी माल मंगा रहे हैं और भुगतान भी कर रहे हैं। अब पहले जैसी स्थिति नहीं रही। रोजमर्रा ही नहीं लगभग सभी तरह का कारोबार पटरी पर लौटता दिख रहा है। फैक्ट्रियों में उत्पादन भी पहले के मुकाबले बढ़ गया है। सब कुछ सामान्य होता दिख रहा है। हालाकि होटल समेत कुछ उद्योग फिलहाल मंदी की चपेट में है। मनोज पंजाबी

त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है। कोरोना काल चल रहा है। बाजार में डिमांड निश्चित तौर पर बढ़ी है। घरेलू मार्केट के साथ अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी मांग तेज हुई है। शिवरात्री और होली को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। प्रत्येक सेक्टर अपने हिसाब से तैयारी कर रहा है। दर्शनलाल भाटिया

उद्योगों की स्थिति में पहले से अब सुधार दिख रहा है। अब पहले जैसी स्थिति नहीं रह गई। हालांकि त्योहारी सीजन के बीच अभी भुगतान को लेकर समस्या बरकार चल रही है। अगर भुगतान को लेकर व्यापारी सजग हो जाएं तो फैक्ट्रियों का उत्पादन निश्चित ही और तेजी से बढ़ेगा। सुशील अग्रवाल

वर्तमान में एक्सपोर्ट के साथ घरेलू बाजार में भी डिमांड बढ़ी है। इसी से उद्योगों में उत्पादन 50 से 60 फीसदी तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में और सुधार होगा। उद्यमियों ने एक उम्मीद के साथ संघर्ष करते हुए उद्योगों का संचालन जारी रखा, जिसका फायदा अब मिलता दिख रहा है। रवि प्रकाश अग्रवाल

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