पंचायत चुनाव : प्रधान पद के दावेदारों की धड़कनें तेज, 3 मार्च को जारी होगी सूची
मुरादाबाद, अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पदों के आरक्षण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सोमवार को देर शाम तक विकास भवन से जिलाधिकारी शिविर कार्यालय तक गहमागहमी रही। उधर, प्रधान पद के दावेदारों की धुकधुकी बढ़ी हुई है। जिला प्रशासन ने 3 मार्च को पदों के आरक्षण के ऐलान की बात कही …
मुरादाबाद, अमृत विचार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पदों के आरक्षण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सोमवार को देर शाम तक विकास भवन से जिलाधिकारी शिविर कार्यालय तक गहमागहमी रही। उधर, प्रधान पद के दावेदारों की धुकधुकी बढ़ी हुई है। जिला प्रशासन ने 3 मार्च को पदों के आरक्षण के ऐलान की बात कही है।
आरक्षण नियमावली में आंशिक संशोधन के बाद नई नियमावली से ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष के पद के आरक्षण का ऐलान जिला प्रशासन को करना है। मुरादाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष का पद सामान्य घोषित हो गया है। क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के पद का आरक्षण भी हो गया है। अब जिला स्तर पर ग्राम सभा प्रधानों के पद आरक्षित किए जाने हैं।
दिन भर गांव से लेकर शहर तक आरक्षण को लेकर कशमकश बनी रही। वर्षों से प्रधान पद पर काबिज कई लोगों के चेहरों पर हवाइयां उड़ती देखी गईं, क्योंकि शासन ने अनारक्षित पदों को चक्रानुक्रम में अनुसूचित वर्ग से आरक्षण का ऐलान किया है। ऐसे में जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ रही हैं, दावेदारों की धड़कनें भी तेज होती जा रही हैं।
पंचायत एक नजर
ग्राम पंचायत : 646
ब्लाक : 08
जिला पंचायत सदस्य : 39
अध्यक्ष जिला पंचायत : सामान्य
प्रधान पद के दावेदारों के होश उड़े
बिलारी की ग्रामसभा इब्राहिमपुर, मैनाठेर के फत्तेपुर खास, एहलादपुर, संभल जिले के सलेमसालार उर्फ हाजीपुर, अमरोहा के दीपपुर सहित ऐसे गांवों में आरक्षण को लेकर खलबली है। सालों से इन गावों में प्रधान का पद आरक्षित नहीं रहा है। जबकि सरकार ने पंचायत चुनाव की नियमावली में बदलाव कर पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कुछ घटों में इस बात से पर्दा उठ जाएगा। लेकिन, पदों के निर्धारण का रहस्य ऐसे गांवों के दावेदारों को तनाव में डाले हुए है।
मंत्री (पंचायतीराज) भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि जिलों में 2 और 3 मार्च को आरक्षण सूची जारी होगी। प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य आरक्षण सूची जारी की जाएगी। आठ दिनों में लोग आरक्षण के मुद्दे पर अपनी शिकायत अथवा आपत्ति दाखिल कर सकेंगे। आपत्ति के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
अधिवक्ता सुनील आजाद ने बताया कि ग्रामसभाओं के निर्धारण में लोगों की बात नहीं सुनी गई है। शासन के निर्देश हैं कि 1000 आबादी वाले क्षेत्र को नई ग्राम पंचायत का दर्जा दे दिया जाए। पंचायतों के परिसीमन में ग्राम सभा और जिला पंचायत वार्ड बढ़े हैं। लेकिन, 55 क्षेत्र ऐसे हैं, जिन्हें उनका हक नहीं मिल पाया है। इन क्षेत्रों की आबादी ग्रामसभा बनने की है, उसके बाद भी उन्हें ग्राम पंचायत नहीं बनाया गया है।
(अध्यक्ष प्रधान संघ) मोहम्मद उस्मान ने बताया कि पदों के आरक्षण का अधिकृत डेटा विभाग के पास नहीं है। रैपिड सर्वे के नाम पर खानापूरी की गई है। साल 2001 के बाद जनगणना के आंकड़े नहीं हैं। परिसीमन और आरक्षण के मुद्दे पर हमने शीर्ष कोर्ट तक याचिका दाखिल की है। विधान सभा में भी नियम 31 और 301 के अंतर्गत आपत्ति दी गई है। प्रशासन नियम की अनेदखी कर रहा है। परिसीमन और पदों के आरक्षण में नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है।
