मुरादाबाद: गरीब बेरोजगारों को रोजगार देगा पशुपालन विभाग
मुरादाबाद, अमृत विचार। केंद्र सरकार की पोषण मिशन से वित्त पोषित बैकयार्ड योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा गरीब परिवारों को मुर्गी के बच्चे मुफ्त में दिए जाएंगे। परिवार को पालने के लिए मुर्गी पालन इनका सहारा बनेगा। मुर्गी पालन के साथ दाना और दवा का खर्च भी सरकार उठाएगी। पड़ोस के पशु सेवा केंद्रों …
मुरादाबाद, अमृत विचार। केंद्र सरकार की पोषण मिशन से वित्त पोषित बैकयार्ड योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा गरीब परिवारों को मुर्गी के बच्चे मुफ्त में दिए जाएंगे। परिवार को पालने के लिए मुर्गी पालन इनका सहारा बनेगा। मुर्गी पालन के साथ दाना और दवा का खर्च भी सरकार उठाएगी। पड़ोस के पशु सेवा केंद्रों और अस्पताल के डाक्टर भी चूजों पर पूरी तरह से नजर रखेंगे। इसके लिए गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों से आवेदन लिए जा रहे हैं।
पशुपालन विभाग द्वारा गरीबी की रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को रोजी-रोटी देने के लिए मुर्गी के बच्चे दिए जाने की तैयारी की जा रही है। विभाग द्वारा कोरोना काल में भी सैकड़ों परिवारों को पोषण मिशन से वित्त पोषित बैकयार्ड योजना के तहत इसका लाभ दिया गया है। विभाग द्वारा बीपीएल की श्रेणी में आने वाले किसी भी धर्म और बिरादरी के लोगों से इस योजना के लिए आवेदन मांगे जा रहे है। इसमें 100 से अधिक आवेदन आ भी चुके हैं। 200 आवेदन पूरे होने के बाद उनका सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद विभाग द्वारा लाभाथिर्यो को मुर्गी के बच्चे दिए जाएंगे।
एक लाभार्थी को मिलेंगे 50 चूजे
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन के साथ-साथ घर के पीछे थोड़ी खाली जगह भी चाहिए होगी। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पशु पालन विभाग द्वारा एक लाभार्थी को 50 चूजे दिए जाएंगे। उनका पालन करके लाभार्थी अपने परिवार का पालन पोषण कर सकेंगे। इसके अलावा गरीबों के आंगन में पलने वाले मुर्गी के बच्चों के लिए विभाग की ओर से 30 किलो दाने का बोरा भी दिया जाएगा। इनकी दवा के लिए लाभार्थी के खाते में धनराशि भी भेजी जाएगी। सरकार का गरीबों के घरों में मुर्गी पालन की यूनिट स्थापित करने का मकसद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हरिशंकर वर्मा ने बताया कि इस साल के लिए भी हमारी टीमें लाभार्थियों को चयन कर रही हैं। बीपीएल की श्रेणी में आने वाले किसी भी धर्म और बिरादरी के लाभार्थी को योजना का लाभ मिलेगा। अनुसूचित जाति और जनजाति के बीपीएल लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा।
