बरेली: रहें सावधान, इम्युनिटी बढ़ाने के चक्कर में न हो जाएं न्यूरोलॉजिकल के शिकार
अमृत विचार, बरेली। कोरोना महामारी के बीच लोग इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाने के लिए दवा और काढ़े का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयों और काढ़े के अंधाधुंध प्रयोग से न्यूरोलॉजिकल खतरा हो सकता है। इससे शरीर की नसों पर असर पड़ सकता है। हाथ-पैरों में झनझनाहट के साथ चलने में …
अमृत विचार, बरेली। कोरोना महामारी के बीच लोग इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाने के लिए दवा और काढ़े का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयों और काढ़े के अंधाधुंध प्रयोग से न्यूरोलॉजिकल खतरा हो सकता है। इससे शरीर की नसों पर असर पड़ सकता है।
हाथ-पैरों में झनझनाहट के साथ चलने में दिक्कत हो सकती है। विशेषज्ञ बिना डॉक्टरों की सलाह के इम्युनिटी को दवा का सेवन नहीं करने की सलाह दे रहे हैं।
कोरोना संक्रमण फैलने के बाद हर किसी को कोरोना का खौफ सता रहा है। कोरोना से बचने के लिए इम्युनिटी बढ़ाने को तमाम दवाइयां और काढ़े हैं। 300 बेड कोविड अस्पताल के सीएमएस का कहना है कि जितनी भी दवाएं बाजार में इम्युनिटी बूस्टर के रूप में बिक रही हैं उनके बारे में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि वे शरीर में किस स्तर तक इम्युनिटी बढ़ाएंगी।
ऐसे में यदि शरीर में ज्यादा इम्युनिटी हो जाती है तो इसके कई तरह के दुष्प्रभाव दिखने शुरू हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अधिक इम्युनिटी होने पर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी सामने आ रही हैं। अन्य राज्यों में इस तरह के दो दर्जन से अधिक केस सामने आ चुके हैं। हालांकि, जनपद में अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
हरी-सब्जी और फल ज्यादा खाएं
उन्होंने बताया कि लोगों को हरी-सब्जी और फल ज्यादा खाने चाहिए। यह सेहत के लिए हानिकारक नहीं होते हैं। शरीर में इम्युनिटी कितनी होनी चाहिए, इसे मापने का कोई पैमाना नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि जांच के जरिए पता किया जा सकता है कि शरीर में इम्युनिटी बन रही है कि नहीं। इसकी जांच निजी लैब में होनी शुरू हो गई है। कोरोना महामारी के बीच लोग इम्युनिटी की जांच करा भी रहे हैं।
