लखनऊ: उपभोक्ता परिषद ने मंहगी बिजली को लेकर मंत्री को सौंपा ज्ञापन
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं को भी अन्य राज्यों की तरह सस्ती बिजली देने की मांग उठने लगी है। यह मांग राज्य उपभोक्ता परिषद की तरफ से उठाई गई है। इस संबंध में उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मुलाकात कर महंगी बिजली खरीद को सरेंडर …
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं को भी अन्य राज्यों की तरह सस्ती बिजली देने की मांग उठने लगी है। यह मांग राज्य उपभोक्ता परिषद की तरफ से उठाई गई है। इस संबंध में उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मुलाकात कर महंगी बिजली खरीद को सरेंडर की मांग की है। वहीं उपभोक्ता परिषद के इस पहल से निजी घरानों और एनटीपीसी में हड़कंप मच गया है। उन्हे डर है कि कहीं प्रदेश में महंगी बिजली खरीद पर रोक न लग जाए।
अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि पूर्व में पूरे देश में एमओयू रुट के जो प्रोजेक्ट निजी व सरकार के अधीन स्थापित किए गए हैं, उनकी महंगी बिजली की वजह से उपभोक्ताओं की बिजली दर लगातार बढ़ रही है। जिससे देश के कई राज्यों ने अपनी महंगी बिजली खरीद को सरेंडर कर दिया है। वर्ष 2019 के बाद उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों की दर्जनों बिजली कम्पनियों ने अब तक केंद्रीय सेक्टर एनटीपीसी की 5,750 मेगावाट महंगी बिजली सरेंडर कर दी है। उसी आधार पर प्रदेश में उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिले उपभोक्ता परिषद ने एक अध्यन रिपोर्ट तैयार की। जिसको लेकर परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से शक्तिभवन उनके कार्यालय में मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने परिषद द्वारा बनाई गयी अध्यन रिपोर्ट को सौंपते हुए महंगी बिजली को सरेंडर करने की मांग की। उपभोक्ता परिषद के इस पहल से निजीघरानों में हड़कंप मच गया है और एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गयी है कि बहुत दिनों तक महंगी बिजली खरीद नहीं चलने वाली, भले अनुबंध में बदलाव किया जाय।
उपभोक्ता परिषद ने अपनी अध्यन रिपोर्ट को सौंपते हुए कहा की प्रदेश में रु. 5 प्रति यूनिट से ज्यादा महंगी बिजली खरीद को प्रथम चरण में सरेंडर किया जाय। जिसमे रुपया 5.89 प्रति यूनिट से लेकर रुपया 5.97 प्रति यूनिट में खरीद की जा रही है। एमबी पावर, के.एस.के. महानंदा व आर.के.एम. पावर की बिजली को महंगी बिजली बताते हुए सरेंडर करने की मांग उठाई। वही बजाज ग्रुप की ललितपुर व उनकी पांच छोटी इकाइयों कुंदर की खंभाखेड़ा बरखेड़ा मकसूदपुर उतरौला से खरीद की जा रही रुपया 5.36 प्रति यूनिट से 5.66 प्रति यूनिट को महंगी बिजली बताते हुए सरेंडर करने की बात कही।
केंद्रीय सेक्टर एनटीपीसी के ऊंचाहार की एक से लेकर चौथी इकाईयों से खरीद की जा रही बिजली रुपया 5.35 प्रति यूनिट से रुपया 5.68 प्रति यूनिट को भी महंगी बिजली बताकर सरेंडर करने की सलाह दी, साथ ही एनटीपीसी की झज्जर दादरी टी-1 व दादरी टी-2 की बिजली को भी रुपया 6.03 प्रति यूनिट रुपया से 6.05 प्रति यूनिट में खरीद की जा रही बिजली को महंगी बिजली बताया और कहा सरेंडर करना जनहित में होगा। वहीं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल चेयरमैन पावर कार्पोरेशन को को यह लिखित निर्देश जारी किया की उपभोक्ता परिषद् के अध्यन रिपोर्ट पर गम्भीरता से परीक्षण कर उपभोक्ता हित में निर्णय ले।
