अमेठी: यह समय है बेहद खास, उड़द-मूंग की खेती दिलाएगी लाभ
अमेठी। क्षेत्र में इस समय सरसो फसल की कटाई प्रारम्भ हो गयी है तथा आलू की खुदाई समाप्त हो चुकी है। जिसके बाद ज्यादातर किसानों के खेत खाली रहते है। इसलिए यदि जायद में उड़द या मूंग की खेती की जाए तो किसान गर्मी में अतिरिक्त्त आय प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ-साथ दलहनी फसल …
अमेठी। क्षेत्र में इस समय सरसो फसल की कटाई प्रारम्भ हो गयी है तथा आलू की खुदाई समाप्त हो चुकी है। जिसके बाद ज्यादातर किसानों के खेत खाली रहते है। इसलिए यदि जायद में उड़द या मूंग की खेती की जाए तो किसान गर्मी में अतिरिक्त्त आय प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ-साथ दलहनी फसल होने के कारण उनके खेत की उर्वरता में सुधार भी होगा।
इस सम्बंध में आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, कठौरा, अमेठी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. आर. के. आनन्द ने बताया कि यह समय उड़द और मूंग की खेती के लिए उपयुक्त है। इस समय यदि खेत खाली है तो तुरंत उड़द या मूंग की बुवाई करें क्योकि मूंग की बुवाई 20 मार्च तक एवं उड़द की बुवाई अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक करना सर्वोत्तम रहता है। देर से बुवाई करने पर बारिश से फसल खराब होने की संभावना रहती है।
जायद में बुवाई के लिये 10 से 12 किलोग्राम बीज का प्रयोग किया जा सकता है। डॉ. आनन्द के अनुसार बुवाई से पूर्व थीरम या कैप्टान फफूंदनाशी की 2 ग्राम मात्रा प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज शोधन जरूर करें। मूंग के अच्छे उत्पादन के लिए नरेन्द्र मूंग 1, मेंहा, आई पी एम 2-3, एवं विराट तथा उड़द के लिए पंत उर्द -31, आज़ाद उड़द -2 आदि प्रजातियों का प्रयोग करें। केन्द्र के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि यदि खेत मे खरपतवारों का प्रकोप अधिक होता हो तो बुवाई के 36 घंटे के अंदर पेंडीमेथलीन खरपतवारनाशी की 3.3 लीटर मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
