पंचायत चुनाव : लावारिस असलहों के लाइसेंस होगे निलंबित
मुरादाबाद,अमृत विचार। पंचायत चुनाव निकट आते ही पुलिस की नजर ऐसे असलहों पर पड़ी हैं, जिनके वारिस लंबे से नहीं मिल रहे हैं। किसी दौर में स्टेट्स सिंबल बने सैकड़ों असलहे लंबे समय से थाना या फिर गन हाउस में जंग खा रहे हैं। लिहाजा ऐसे असलहों का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की तैयारी …
मुरादाबाद,अमृत विचार। पंचायत चुनाव निकट आते ही पुलिस की नजर ऐसे असलहों पर पड़ी हैं, जिनके वारिस लंबे से नहीं मिल रहे हैं। किसी दौर में स्टेट्स सिंबल बने सैकड़ों असलहे लंबे समय से थाना या फिर गन हाउस में जंग खा रहे हैं। लिहाजा ऐसे असलहों का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की तैयारी कर ली गई है। थानावार ऐसे असलहों की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिनके वारिस लंबे समय से सामने नहीं आए हैं। असलहे मौजूदा समय में कहां हैं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। सूची बनने के साथ ही डीएम से उनके निलंबन की संस्तुति की जाएगी।
वारिसों के इंतजार में हैं करीब 3500 असलहे
किसी दौर में शौकीन लोगों की शान का बखान करने वाले असलहे अब जंग खा रहे हैं। लाइसेंसधारक की मौत के बाद उनके वारिस असलहों की सुध नहीं ले रहे हैं या फिर यह कहें कि लाइसेंस बनवाने की जटिल प्रक्रिया के कारण उन्होंने अपने बुजुर्गो की पहचान बन चुके असलहों से दूरी बना ली है। यही वजह है कि जिले के करीब 15 गन हाउस में 3500 से अधिक असलहे जमा हैं। कई असलहे तो करीब 50 साल से दुकानों में रखे हैं। आलम यह है कि अब इन असलहों की जितनी कीमत है, उससे अधिक तो किराया हो चुका है।
गन हाउस संचालकों की मुसीबत बन गए हैं असलहे
एक ओर नवीन असलहे बनवाने के लिए लोग धड़ाधड़ आवेदन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बुजुर्गो की पहचान बन चुके असलहों की कोई सुध नहीं ले रहा है। इस कारण यह असलहे गन संचालकों की मुसीबत बन रहे हैं। संचालकों ने बताया कि जिले के 15 गन हाउस में साढ़े तीन हजार से अधिक असलहे जमा हैं, जिनमें से अधिकतर डबल बैरल, सिंगल बैरल, एसपीएमएल और डीडीएमएल असलहे हैं। हाईटेक असलहे आने के कारण अब ये प्रचलन से बाहर हो गए हैं। संभवत: इसी वजह से लाइसेंसधारकों के वारिस इनको लेने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ असलहे तो करीब 50 साल से जमा हैं। मौजूदा समय में अगर कोई असलहा जमा होता है तो दो सौ रुपए प्रतिमाह किराया लेते हैं। लेकिन, वारिस न आने के कारण लंबे समय से किराया तक नहीं मिला है। तमाम असलहे तो ऐसे हैं, जिनका किराया उनकी कीमत से अधिक हो गया है।
सूची बनाकर की जाएगी निलंबन की संस्तुति
पंचायत चुनाव निकट आते ही वारिसों के इंतजार में जंग खा रहे असलहों के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई करने की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए सभी थानेदारों को आदेश दिए गए हैं कि वह असलहों की सूची बना लें। मौजूदा समय में यह असलहे कहां पर जमा हैं, इसकी जानकारी भी कर लें। चुनाव से पहले इनके लाइसेंस के निलंबन की संस्तुति डीएम से की जाएगी।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि पंचायत चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए यह आदेश दिए गए हैं। थानावार सूची मिलते ही लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
