बरेली: बीडीए स्पोर्ट्स स्टेडियम में 30 करोड़ से बनेगा पवेलियन शेड

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिले, इसके लिए बीडीए ने स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए करीब 30 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। यहां पर पवेलियन शेड का निर्माण होगा। इसे छह महीने में पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू …

बरेली, अमृत विचार। खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिले, इसके लिए बीडीए ने स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए करीब 30 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। यहां पर पवेलियन शेड का निर्माण होगा। इसे छह महीने में पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। रामगंगा नगर में और भी करोड़ों के कई कार्यों को स्वीकृति देने के साथ ही बुधवार को टेंडर खोले जाने की तिथि निर्धारित कर दी गई है।

बीडीए विभिन्न विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये के टेंडर करा रहा है। इसमें 30.22 करोड़ रुपये के बजट से स्पोर्ट्स स्टेडियम में पवेलियन शेड का निर्माण कार्य होना है। यह प्रोजेक्ट छह महीने में पूरा किया जाना है। इसके अलावा बरेली महायोजना क्षेत्र में पार्क, खुले स्थल, ग्रीन लैंड, क्रीड़ा स्थल आदि को विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए 6.98 लाख रुपये के टेंडर होने हैं।

इसके साथ ही 8.32 लाख रुपये की लागत से रामगंगानगर योजना के विभिन्न सेक्टरों में सीवर, नाली, वाटर लाइन की लीकेज की मरम्मत आदि कार्य होने हैं। रामगंगानगर आवासीय योजना के सेक्टर-दो सलिल खंड में गंगा इन्क्लेव आवासीय भूखंडों का विकास कार्य कराने के लिए 8.31 करोड़ के टेंडर कराए जा रहे हैं। रामगंगानगर में अवशेष सड़कों के निर्माण के लिए 42.69 लाख रुपये खर्च होने हैं। इनके भी टेंडर हो रहे हैं।

वन पार्क को विकसित करने के लिए खर्च होंगे 2.94 करोड़
रामगंगानगर योजना के सेक्टर-दो में निधि वन पार्क को विकसित किया जा रहा है ताकि इस आवासीय योजना में आवंटियों को स्वच्छ वातावरण मिलने के साथ ही हरियाली का भी आनंद मिल सके। इस वन पार्क के चारों तरफ बाउंड्रीवाल बनाने और मिट्टी की भराई का काम कराने के लिए 2.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए भी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।

सेक्टर छह में विकास न होने के कारण आवंटी चाह रहे प्लाट
रामगंगानगर में कुछ सेक्टरों में काफी विकास हो रहा है। कुछ सेक्टर में विकास कार्य होने बाकी हैं। ऐसे में जिन सेक्टरों में काम नहीं हो रहे, वहां के आवंटी अपने प्लॉट बदलने के लिए बीडीए दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि बीडीए के अधिकारी यह आश्वासन दे रहे हैं कि जल्द ही बीडीए के सभी सेक्टरों को विकसित कर दिया जाएगा। इसके बाद आवंटियों को कोई दिक्कत नहीं आएगी।

बीडीए के करोड़ों रुपये के कामों के मंजूरी मिल चुकी है। इनकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। कुछ टेंडर बुधवार को भी खोले जाएंगे। कुछ की प्रक्रिया पहले ही पूरी कराई जा चुकी हैं। -राजीव दीक्षित, अधीक्षण अभियंता, बीडीए

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