अयोध्या: युवा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी कथाओं पर अध्ययन करने के बाद उस पर चर्चा करें- आनंदीबेन पटेल
अयोध्या, अमृत विचार। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 25 वे दीक्षांत समारोह का शुक्रवार को भव्य आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत वर्तमान समय में आजादी अमृतोत्सव मना रहा है। आज ही के दिन 1930 में महात्मा गांधी …
अयोध्या, अमृत विचार। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 25 वे दीक्षांत समारोह का शुक्रवार को भव्य आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की।
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत वर्तमान समय में आजादी अमृतोत्सव मना रहा है। आज ही के दिन 1930 में महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम से दांडी यात्रा का शुभारम्भ किया था। ब्रिटिश सरकार द्वारा नमक पर टैक्स लगाने का विरोध अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम से प्रारम्भ हुआ यह आंदोलन देश का आंदोलन बन गया।
150 वर्षों से लगातार सघर्ष के बाद देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, विद्वजनों, युवाओं ने अपने जान को न्यौछावर कर आजादी पायी है। महामहिम ने कहा कि भारत सरकार द्वारा आयोजित इस अमृत महोत्सव के दौरान प्रत्येक युवा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी कथाओं पर अध्ययन कर आपसी चर्चा का विषय बनाये।
मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शि़क्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह ग्रहण की शिक्षा को समर्पित करने का एक अवसर है। समाज के लिए शिक्षा का ज्यादा से ज्यादा उपयोग हो सके इस पर कार्य करने की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति में शिक्षा का स्तर बढ़े इसी लिए सरकार द्वारा राज्य विश्वविद्यालयों में कॉमन पाठ्यक्रम लागू करने की योजना पर कार्य कर रही है। वर्तमान समय में राज्य सरकार द्वारा डिजीटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। कोविड-19 के दौरान राज्य विश्वविद्यालयों ने 30 विभिन्न पाठ्यक्रमों में 79 हजार ई-कंटेंट अपलोड किए है इसमें वीडियों लेक्चर, वायस एवं टेक्स्ट को शामिल किया गया है। डिजीटल लाइब्रेरी के उपयोग के लिए देशभर के विद्यार्थी एवं शिक्षक शिक्षण एवं ज्ञान के लिए अपने उपयोग में ले रहे है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि महामहिम की उपस्थिति विश्वविद्यालय के लिए गौरव के साथ-साथ एतिहासिक भी है। समय-समय पर महामहिम के दिशा-निर्देश से विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, शैक्षिक वातावरण के निर्माण एवं कुशल नेतृत्व ने हम सभी का मार्ग-दर्शन किया है।
दीक्षांत समारोह में डॉ0 लक्ष्मण सिंह राठौर, स्थाई प्रतिनिधि (भारतीय राजदूत) विश्व मौसम विज्ञान संगठन यू0एन0ओ0, पूर्व महानिदेशक, मौसम विज्ञान, भारतीय मौसम विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, नई दिल्ली को मानद् उपाधि प्रदान की गई। कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने अतिथियों का स्वागत गंन्थ गुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर किया। उपाधि प्राप्त छात्रों को दीक्षोपदेश एवं कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई। 25वें दीक्षांत समारोह में कुल 115 स्वर्ण पदक प्रदान किए गये जिसमें 28 कुलपति स्वर्णपदक, 70 कुलाधिपति स्वर्णपदक तथा दान स्वरूप पदक के रूप में 17 स्वर्णपदक प्रदान किए गये।
दीक्षांत समारोह में कुल 777 स्नातक, परास्नातक उपाधि एवं पी0एच0डी0 में 24 उपाधि शोधार्थियों को दी गई। समारोह में आकर्षण का केन्द्र अयोध्या ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के लगभग 25 छात्र-छात्राएं रहे जिन्हे कुलाधिपति ने फल एवं शिक्षण सामग्री भेट किया। इस समारोह का मुख्य आकर्षक परिधान में पुरूष परिधान में सफेद कुर्ता एवं सफेद पायजामा तथा महिला परिधान में सफेद कुर्ता एवं सफेद सलवार अथवा लाल बार्डर की साड़ी के साथ ही सिर पर अवधी परिधान की परम्परागत पगड़ी रही।
इस अवसर पर नीलिमा कटियार, अयोध्या सांसद लल्लू सिंह, विधायक वेद प्रकाश गुप्त, विधायक रामचन्द्र यादव, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, डीआईजी एवं एसएसपी, ब्रिगेडियर जेएस विर्क, अयोध्या के गणमान्य संत, अतुल कुमार सिंह, शक्ति सिंह, कुलसचिव उमानाथ, वित्त अधिकारी, धनंजय सिंह, मुख्य नियंता प्रो0 अजय प्रताप सिंह, उपकुलसचिव विनय कुमार सिंह कार्यपरिषद के सदस्यगण, विद्यापरिषद के सदस्यगण, विभिन्न विषयों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, समन्वयक, शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में पदक धारक एवं उपाधि धारक रहे।
