बनबसा: नेपाल सीमा खुलने से व्यापारियों के चेहरे खिले

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अमृत विचार, बनबसा। नेपाल सीमा खुलने से कोरोना काल से ही निराश बैठे सीमांत क्षेत्र बनबसा के व्यापारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उनका व्यापार एक बार फिर से गति पकड़ने लगा है। साथ ही सीमांत क्षेत्र में चहल-पहल भी बढ़ गई है। भारत-नेपाल सीमा से सटा बनबसा कस्बा पूरी तरह नेपाल के …

अमृत विचार, बनबसा। नेपाल सीमा खुलने से कोरोना काल से ही निराश बैठे सीमांत क्षेत्र बनबसा के व्यापारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उनका व्यापार एक बार फिर से गति पकड़ने लगा है। साथ ही सीमांत क्षेत्र में चहल-पहल भी बढ़ गई है। भारत-नेपाल सीमा से सटा बनबसा कस्बा पूरी तरह नेपाल के नागरिकों पर निर्भर है, लेकिन कोरोना काल में लाॅकडाउन और अंतरराष्ट्रीय सीमा बंद होने से बनबसा का व्यापार पूरी तरह ठप हो गया था।

लाॅकडाउन खत्म होने के बाद जब बनबसा का बाजार खुला भी तो यहां खरीदार नहीं थे, इस कारण पूरे दिन बाजार में सन्नाटा पसरा रहता था। आठ मार्च को भारत-नेपाल के अधिकारियों की बैठक में सीमा खोलने पर सहमति बनी, जिसके बाद नेपाली नागरिकों का बनबसा आने का क्रम शुरू हुआ। सीमा खुलने के एक सप्ताह में बनबसा बाजार फिर पुराने रूप में नजर आने लगा है। बाजार में चहल-पहल बढ़ने के साथ ही खरीदार भी बढ़े हैं, इससे सीमांत के व्यापारियों पर रौनक लौटने लगी है। उन्हें भविष्य में बनबसा में व्यापार बढ़ने की उम्मीद है।

साथ ही व्यापार में भी इजाफा हुआ

परचून की दुकान चलाने वाले व्यापारी दिलीप देवल ने कहा कि नेपाली नागरिकों के आने से पिछले एक सप्ताह के अंदर उनका व्यापार करीब 20 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि पहले व्यापार पूरी तरह ठप पड़ा था। वे लोग भविष्य को लेकर खासे चिंतित थे।

कपड़ा व्यापारी एवं व्यापार मंडल विधायक प्रतिनिधि भरत भंडारी ने नेपाल सीमा खुलने को व्यापारियों के लिए संजीवनी बताया। कहा कि बनबसा का बाजार 95 प्रतिशत तक नेपाली नागरिकों पर निर्भर था। सीमा बंद होने से उनकी दुकान पर कोई ग्राहक नहीं आता था, जिससे वे लोग काफी निराश थे, लेकिन जब से सीमा खुली है, तब से नेपाली नागरिकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है और उनके चेहरों पर फिर से रौनक लौट आई है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी ने बताया कि नेपाल सीमा खुलने से बनबसा के व्यापारियों की बिक्री बढ़ी हैं, इससे व्यापारी काफी खुश हैं। उन्होंने नेपाल सरकार से मांग की है कि जिस तरह नेपाली नागरिकों और नेपाली वाहनों के लिए भारतीय सीमा पर बेरोकटोक आवाजाही सुचारू है, उसी तरह भारतीय व्यापारियों एवं उनके वाहनों को नेपाल जाने की भी छूट दी जाए।

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