बरेली: नवदिया झादा पर एनएचएआई नहीं बनने दे रही पुल
अमृत विचार, बरेली। दिल्ली-लखनऊ को जोड़ने वाले बड़ा बाईपास नवदिया झादा में बीसलपुर रोड दुघर्टना बाहुल्य क्षेत्र बना हुआ है। यहां आए दिन होने वाले हादसों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। हादसों को रोकने के लिए इस संवेदनशील जगह पर फ्लाईओवर बनाने का निर्णय करीब दो साल पहले लिया गया था। इसके …
अमृत विचार, बरेली। दिल्ली-लखनऊ को जोड़ने वाले बड़ा बाईपास नवदिया झादा में बीसलपुर रोड दुघर्टना बाहुल्य क्षेत्र बना हुआ है। यहां आए दिन होने वाले हादसों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। हादसों को रोकने के लिए इस संवेदनशील जगह पर फ्लाईओवर बनाने का निर्णय करीब दो साल पहले लिया गया था।
इसके बाद पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने इसका सर्वे कर डिजाइन बनाना भी शुरू कर दिया था लेकिन बाद में एनएचएआई ने हाईवे के ऊपर से फ्लाईओवर बनाने में पेच लगा दिया। बाद में पीडब्ल्यूडी ने भी इस प्रोजेक्ट के प्रयासों पर ब्रेक लगा दिया। इसे लेकर अफसरों के एक बार फिर से सजगता दिखाने के बाद प्रोजेक्ट शुरू होने की आस जगी है।
एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने एनएच-24 पर शहर के बाहर रजऊ परसपुर और परसाखेड़ा के बीच बड़ा बाईपास बनाया है। इस बाईपास पर नवदिया झादा और पूरनपुर के पास बरेली से बीसलपुर जाने वाली सड़क का कट है। बरेली या बीसलपुर की तरफ आने-जाने के दौरान वाहन चालकों को इस बड़े बाईपास को क्रास करते हुए निकलना पड़ता है। यहां सालभर में हादसों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हुए हैं।
दिनों दिन ट्रैफिक बढ़ने से हादसों की आशंका भी बढ़ने लगी है। बाईपास के कट से बीसलपुर की ओर शाहजहांपुर, लखीमपुर, पलिया सहित दूसरी जगहों के लिए आने वाले समय में यातायात का भार और बढ़ेगा। इसे देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने करीब दो साल पहले नवदिया झादा के पास बीसलपुर रोड के कट पर बड़ा बाईपास के ऊपर फ्लाईओवर बनाने की कार्ययोजना तैयार की थी।
प्रारंभिक सर्वे में इस फ्लाईओवर की लंबाई न्यूनतम 1000 मीटर आंकी गई थी ताकि निकट भविष्य में अगर बड़ा बाईपास आठ लेन या उससे भी ज्यादा चौड़ा हो तो फ्लाईओवर को लेकर दिक्कत न हो। साथ ही एनएचएआई के मानकों के आधार पर फ्लाईओवर को पर्याप्त ऊंचाई भी दी जानी है। बाद में एनएचआई ने हाईवे के ऊपर से फ्लाईओवर बनाने के लिए एनओसी नहीं दी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने भी इस प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे प्रयासों पर विराम लगा दिया।
करीब सौ करोड़ रुपये के खर्च का था अनुमान
इस फ्लाईओवर के लिए पीडब्ल्यूडी को एनएच और एनएचएआई दोनों से अनापत्ति लेनी लेनी है। शुरुआती आकलन में इस परियोजना पर करीब सौ करोड़ रुपये के खर्च का आकलन किया गया था। इसकी डिजाइन आदि की भी तैयारी शुरू कर दी गई थी। अब सड़क सुरक्षा समिति में यह मामला उठाने के बाद अधिकारियों ने नए सिरे से इस परियोजना को लेकर कसरत शुरू करने की बात कही है।
नवदिया झादा में फ्लाईओवर बनवाने के लिए एनएचएआई ने मुख्यालय से अनुमति मांगी है लेकिन उसे पूरा करने में देरी हो रही है। इस संबंध में मंडलायुक्त की ओर से भी कई बार पत्राचार हुए हैं।
– डीके तिवारी, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी
