बरेली: डाक से इनामी कूपन भेज साइबर अपराधियों ने ठगे चार लाख रुपये

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अमृत विचार, बरेली। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को डाक से नापतौल ऑनलाइन शॉपिंग प्रा.लि. वेबसाइट के नाम से रजिस्टर्ड पत्र भेज दिया। जब व्यक्ति ने पत्र खोलकर उसमें निकले कूपन को स्क्रैच किया तो 9 लाख रुपये इनाम जीतने की बात पता चली। इनाम के नौ लाख रुपये पाने के लिए उसने साइबर ठगों …

अमृत विचार, बरेली। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को डाक से नापतौल ऑनलाइन शॉपिंग प्रा.लि. वेबसाइट के नाम से रजिस्टर्ड पत्र भेज दिया। जब व्यक्ति ने पत्र खोलकर उसमें निकले कूपन को स्क्रैच किया तो 9 लाख रुपये इनाम जीतने की बात पता चली।

इनाम के नौ लाख रुपये पाने के लिए उसने साइबर ठगों के झांसे में आकर सात बार में अलग-अलग टैक्स के नाम पर 4 लाख 3 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। जब ठगी का पता चला तो उसने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब एक साल बाद कोर्ट के आदेश पर पांच आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

बिहारीपुर निवासी शिल्पा ने शिकायत की है कि 18 फरवरी को उनके पति श्याम कुमार के नाम पर नापतौल ऑनलाइन शॉपिंग प्रा.लि. न्यू एलिपोट ब्लॉक कोलकाता से एक रजिस्टर्ड पत्र पहुंचा। यह पत्र विकास कपूर फाइनेंस मैनेजर नापतौल के नाम से भेजा गया था। पत्र खोलने पर लिखा था कि कंपनी की 10वीं वर्षगांठ पर कुछ ग्राहकों का लकी ड्रा में चयन हुआ है जिसमें आप भी शामिल हैं। उसके अंदर एक इनामी स्क्रैच कूपन भी रखा था।

जब पति ने कूपन स्क्रैच किया तो 9 लाख 30 हजार रुपये जीतने की बात लिखी थी। उसके साथ एक कोड भी दिया गया था। पत्र में एक वॉट्सएप नंबर भी दिया था। जब उनके पति ने उक्त नंबर पर संपर्क किया तो कहा गया कि एक फार्म भरकर भेज दो। फार्म भरकर भेजने के बाद दूसरे दिन फोन आया और लकी ड्रा की राशि लेने के लिए इनाम की एक प्रतिशत राशि ब्रांच मैनेजर ऋ षि कुमार और सहायक मैनेजर रोहित को देनी होगी।

उनके पति ने दोनों के खाते में 9300-9300 रुपये जमा कर दिए। उसके बाद जीएसटी, यूपीएसजीएसटी, ट्रांजेक्शन चार्ज, इंटरसिटी टैक्स चार्ज और अन्य टैक्स के नाम पर सात बार में चार लाख 93 सौ रुपये जमा करा लिए। उसके बाद 19 बार में छोटी-छोटी रकम भेजने का लालच दिया। इतनी रकम उन्होंने गोल्ड लोन लेकर जमा की लेकिन फिर भी इनाम की रकम नहीं आई।

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