बरेली: विश्वविद्यालय में अगले सत्र से लागू होगी नई शिक्षा नीति
अमृत विचार, बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में अगले सत्र 2021-22 से नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पढ़ाई शुरू हो जाएगी। नई शिक्षा नीति के तहत कई पाठ्यक्रम तैयार कर लिए गए हैं। इन्हीं पाठ्यक्रमों को अगले सत्र से लागू किया जाएगा। एंट्री-एग्जिट पॉलिसी को लागू किया जाएगा। सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स लागू किए …
अमृत विचार, बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में अगले सत्र 2021-22 से नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पढ़ाई शुरू हो जाएगी। नई शिक्षा नीति के तहत कई पाठ्यक्रम तैयार कर लिए गए हैं। इन्हीं पाठ्यक्रमों को अगले सत्र से लागू किया जाएगा। एंट्री-एग्जिट पॉलिसी को लागू किया जाएगा। सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स लागू किए जाएंगे।
इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा जिसके तहत लिखित परीक्षा का पहला प्रश्नपत्र बहुविकल्पीय होगा और प्रयोगात्मक परीक्षा में भी बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। सोमवार को प्रशासनिक भवन स्थित सभागार में कुलपति की अध्यक्षता में हुई विद्या परिषद की बैठक में 15 बिंदुओं पर अपनी सहमति प्रदान की।
बैठक में सबसे पहले विद्या परिषद की 16 दिसंबर 2019 की बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि पर सभी ने सहमति प्रदान की। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अंतर्गत परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर गठित पाठ्यक्रम समितियों के संयोजकों की पूर्व में संपन्न हुई बैठक के कार्यवृत्त और इसके संबंध में आए सुझावों पर विचार किया गया।
इसके बाद इसे पास कर दिया गया। विधि अध्ययन संकाय के अंतर्गत चार नए कोर्स आरंभ करने पर भी विद्या परिषद में सहमति बनी। इन पाठ्यक्रमों के नाम बी.कॉम.एलएल.बी. ऑनर्स पंचवर्षीय, बीबीए एलएलबी ऑनर्स पांच वर्षीय, एलएलएम साइबर लॉ दो वर्षीय, एलएलएम ह्यूमन राइट्स एंड ड्यूटीज दो वर्षीय हैं।
इसके अलावा विधि विभाग में पूर्व से संचालित एलएलबी तीन वर्षीय, बीएएलएलबी पांच वर्षीय और एलएलएम द्वितीय वर्षीय पाठ्यक्रमों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में पूर्व में संपन्न हुई सीएसआईटी की बोर्ड ऑफ स्टडीज सत्र 2020-21 से एमसीए नवीन पाठ्यक्रम को विद्या परिषद की स्वीकृति प्रदान की गई। पूर्व में संपन्न हुई बीएचएम एंड कैटरिंग टेक्नोलोजी विषय की पाठ्य समिति की बैठक में की गई संस्तुतियों को विद्या परिषद में स्वीकृति प्रदान की गई। माइक्रोबॉयोलॉजी विषय पाठ्य समिति की पूर्व में तैयार एमएससी माइक्रोबायोलॉजी का संशोधित अध्यादेश एवं पाठ्यक्रम का अनुमोदन भी बैठक में किया गया।
रसायन विज्ञान विषय पाठ्य समिति की बैठक एवं फैकल्टी बोर्ड द्वारा एमएससी उत्तरार्द्ध रसायन विज्ञान के संशोधित पाठ्यक्रम सत्र 2021-22 में लागू करने को विद्या परिषद ने अनुमोदित किया। वाणिज्य विषय पाठ्य समिति की पूर्व में संपन्न बैठक के द्वारा एस.एस. कॉलेज शाहजहांपुर में यूजीसी के द्वारा स्वीकृत पाठ्यक्रम बी.कॉम वोकेशनल डिग्री कोर्स, बी. कॉम वोकेशनल रिटेक, बीकॉम वोकेशनल टैक्सेशन और बी.कॉम वोकेशनल टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी को सत्र 2021-22 से प्रारंभ किए जाने की संस्तुति की गई।
विश्वविद्यालय परिसर में फार्मेसी विभाग के अंतर्गत एम. फार्मा. फार्मास्यूटिक्स फार्मास्यूटिकल केमेस्ट्री एवं फार्मोकोलॉजी विषयों में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा शैक्षिक सत्र 2020-21 से नौ-नौ सीटों की अनुमति प्रदान करने के बाद कुलपति द्वारा विद्या परिषद के अनुमोदन की प्रत्याशा में सत्र 2020 21 से एम. फार्मा पाठ्यक्रम उच्च ब्रांच में प्रवेश की प्रदान की गई अनुमति से विद्या परिषद को अवगत कराया गया।
बैठक में संकाय अध्यक्ष प्रबंधन विश्वविद्यालय परिसर द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बीबीए पाठ्यक्रम को बीएमएस करने पर विद्या परिषद ने स्वकृति प्रदान की। बैठक में कुलसचिव डा. सुनीता पांडेय, परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार व विद्या परिषद के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
इंजीनियरिंग के होंगे सात विभाग
बैठक में प्रोफेसर एस. के. पांडेय संकाय अध्यक्ष फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विश्विद्यालय परिसर बरेली के प्रार्थना पत्र द्वारा संलग्न फैकल्टी बोर्ड की हुई बैठक के कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया। इसमें बताया गया कि विश्वविद्यालय में अब बीटेक के सात विभाग होंगे। अभी छह विभाग हैं। अब एमटेक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उसके बाद शोध भी कराया जाएगा। पीएचडी अध्यादेश 2017 में किए गए परिवर्तन के बादल संशोधित पीएचडी अध्यादेश 2020 का अनुमोदन किया गया। विश्वविद्यालय अब आरईटी परीक्षा हर वर्ष जुलाई में करवाएगा लेकिन जेआरएफ या यूजीसी से फेलोशिप प्राप्त छात्रों का एडमिशन हर दूसरे महीने हो सकेगा। शोध के लिए अब सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के शिक्षकों को भी गाइड बनाया जाएगा, इसके लिए उन्हें नियम व शर्तों का पालन करना होगा।
10 विदेशी भाषाओं का अध्ययन केंद्र बनेगा
बैठक में महिला अध्ययन उत्कृष्टता केंद्र द्वारा प्रस्तावित पाठ्यक्रमों का अनुमोदन किया गया। यह विभाग दो सर्टिफिकेट कोर्स तैयार कर चुका है। यह कोर्स वूमेन इंपावरमेंट पर आधारित हैं। बहुभाषा के अध्ययन के लिए उत्कृष्टता केंद्र द्वारा प्रस्तावित पाठ्यक्रमों का अनुमोदन किया गया। इसमें 10 भाषाओं का केंद्र खुलेगा। इसके तहत फ्रेंच, मिनडारियन, चाइनीज, स्पेनिश, उर्दू व अन्य भाषाएं पढ़ाई जाएंगी। इन्हें विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा।
