बरेली: हत्या की सुपारी देने वाले को ही उतारा मौत के घाट

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। क्योलड़िया में दहेज हत्या के आरोपी भोलानाथ ने पीड़ित की हत्या की सुपारी दे दी। हत्यारोपियों ने 50 हजार रुपये भी ले लिए लेकिन जिसकी सुपारी ली उसका कत्ल न करके सुपारी देने वाले भोलानाथ का ही कत्ल कर दिया। नवाबगंज पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार …

बरेली, अमृत विचार। क्योलड़िया में दहेज हत्या के आरोपी भोलानाथ ने पीड़ित की हत्या की सुपारी दे दी। हत्यारोपियों ने 50 हजार रुपये भी ले लिए लेकिन जिसकी सुपारी ली उसका कत्ल न करके सुपारी देने वाले भोलानाथ का ही कत्ल कर दिया। नवाबगंज पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फरार चालक की तलाश में जुट गई है।

पुलिस के मुताबिक 18 मार्च को नवाबगंज के अधकटा गांव का रहने वाला भोलानाथ कोर्ट में तारीख पर गया था। उसके बाद जब वह वापस नहीं पहुंचा तो उसकी परिजनों ने तलाश शुरू की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा सका। 19 मार्च को उसका शव बरखन गांव से जाने वाले क्योलड़िया रोड पर मिला था। भोलानाथ की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने क्योलड़िया निवासी प्रमोद कुमार, रामप्रकाश, विवेक, अनिल के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी।

विवेचना के दौरान पुलिस को पता लगा कि भोलानाथ के छोटे भाई मोहन लाल की शादी विपक्षी प्रमोद की बेटी पूनम से हुई थी। तीन साल बाद लड़की की मौत के बाद मायके वालों ने भोलानाथ समेत अन्य लोगों पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में आरोपियों को सजा हो सकती है। भोलानाथ, मोहन लाल विपक्षियों पर समझौते का दबाव बना रहे थे लेकिन विपक्षी मानने को तैयार नहीं थे।

शुक्रवार को पुलिस लाइन में घटना का खुलासा करते हुए एसपी ग्रामीण राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि समझौता न करने पर भोलानाथ ने अपने रिश्तेदार देवरनियां के खमरिया निवासी बांधूराम व एक दोस्त शीशगढ़ निवासी बुद्धसेन को 50 हजार रुपये में दहेज हत्या के मुकदमे की पैरवी कर रहे मृतका के भाई राम प्रकाश की सुपारी दे दी। जिसके बाद से ही लगातार भोलानाथ आरोपियों पर राम प्रकाश की हत्या का दबाव बनाने लगा। वह भोलानाथ के साथ कोर्ट भी जाते थे। कोर्ट में उनकी मुलाकात राम प्रकाश से भी हुई तो रामप्रकाश ने अपनी बहन की हत्या की बात बताई।

ऐसे में उनके दिमाग में आया कि यदि उन्होंने रामप्रकाश को मार दिया तो पुरानी रंजिश में पुलिस भोलानाथ को पकड़कर पूछताछ करेगी। पूछताछ में भोलानाथ हत्या की बात कबूल लेगा और उनका भी नाम ले देगा। ऐसे में उन्होंने भोलानाथ की हत्या की प्लानिंग कर ली ताकि रुपये भी मिल जाएं और किसी को कुछ पता भी न चले।

18 मार्च को वह सैटेलाइट बस अड्डे से रईस अहमद की कार में भोलानाथ को बैठाकर ले गए और नवाबगंज और हाफिजगंज के बीच पीछे से अंगोछे से गला कसकर मार दिया। उसके बाद शव को क्योलड़िया बरखन मार्ग पर फेंक दिया। यहीं पर उसका मोबाइल, एटीएम व अन्य कागजात फेंक दिए।

पुलिस ने शव मिलने के बाद कई लोगों से पूछताछ की और मोबाइल की कॉल रिकार्डिंग निकाली। पूछताछ में बुद्धसेन और बांधूराम ने बताया कि वह सेटेलाइट बस अड्डे तक भोलानाथ के साथ गए थे, उसके बाद उन्हें नहीं पता जब पुलिस ने उनकी मोबाइल लोकेशन देखी तो वह घर ही निकली। इस पर सख्ती से पूछताछ पर उन्होंने पूरा खुलासा कर दिया।

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