पीयूष गोयल ने दुबई से खरीदा था मुरादाबादी पीतल लैंप

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मुरादाबाद, अमृत विचार। घर की साजसज्जा के लिए मंत्री पीयूष गोयल ने दुबई से पीतल का लैंप खरीदा था। जब उस पर मेड इन इंडिया लिखा पाया तो उनकी भी जिज्ञासा इसके निर्माण क्षेत्र को लेकर बढ़ गई। पता किया तो वह जगह थी पीतल नगरी, यानि मुरादाबाद। जी हां, जब वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्होंने …

मुरादाबाद, अमृत विचार। घर की साजसज्जा के लिए मंत्री पीयूष गोयल ने दुबई से पीतल का लैंप खरीदा था। जब उस पर मेड इन इंडिया लिखा पाया तो उनकी भी जिज्ञासा इसके निर्माण क्षेत्र को लेकर बढ़ गई। पता किया तो वह जगह थी पीतल नगरी, यानि मुरादाबाद। जी हां, जब वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्होंने इस बात का जिक्र किया तो शिल्पकारों का हौसला बढ़ गया। उन्होंने अपने देश की चमक को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने का भरोसा मंत्री को दिया।

वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को उद्यमियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की। उन्होंने डिजिटल माध्यम से राज्यसभा सांसद जफर इस्लाम के साथ 45 मिनट तक निर्यातक, शिल्पकार व कारोबारियों से सीधा संवाद किया, जिसमें डीएम राकेश कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। इस दौरान गोयल ने पुराना वाकया शेयर किया।

बताया कि जब वह कैबिनेट में नहीं थे, तब घर को सजाने के लिए उन्हें फर्नीचर सहित तमाम वस्तुओं की आवश्यकता थी। दुबई गए तो वहां वह पीली चमक से आकर्षित हो गए। उसे खरीदे बगैर उनसे रहा नहीं गया। उस वक्त तक उन्हें नहीं पता था कि जिसने उन्हें लुभाया है, वह भारत का ही उत्पाद है।

उन्होंने पीतल से बने उस लैंप को खरीद लिया। जब देखा तो उस पर मेड इन इंडिया लिखा हुआ था। जिज्ञासा हुई कि आखिर यह कहां तैयार किया गया। खोजबीन की तो वह जगह थी मुरादाबाद नगरी। उन्होंने कहा कि यह गर्व बात है कि पीतल नगरी यूं ही नहीं चमक रही। उसकी चमक खुद को साबित भी कर रही है। इस दौरान निर्यातक अवधेश अग्रवाल, नजमुल इस्लाम, गौरव होरी, दिलशाद हुसैन, सतपाल, विनय अग्रवाल, आजम अंसारी आदि उपस्थित रहे।

निर्यात और शिल्पकारों को संवारने की उठीं मांगें

ईसीसीजीसी के माध्यम से निर्यातकों को जो बीमा मिलता है, उसकी प्रक्रिया को जल्द पूरा करने और आर्डर मिलने से, इस बीमा कवर की शुरुआत किए जाने का सुझाव कांफ्रेंस में दिया। डीपीईपी योजना की दर जल्द निर्धारित किए जाने व कंटेनर किराये को लेकर चल रही मनमानी पर अंकुश लगाने के साथ ही उसकी निगरानी सरकार को करने की मांग भी रखी। इसके अलावा कच्चे माल पर बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने की बात भी रखी गई।
अवधेश अग्रवाल, महासचिव, मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन सचिव सतपाल ने कहा कि रद्दी कागज के नाम पर 19 हजार रुपये रेपो चार्ज वसूला जा रहा है। सही मायने में यह अवैध तरीके से हो रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। कंटेनर को लेकर अतिरिक्त चार्ज लगाकर निर्यातकों को परेशान किया जा रहा है। हैंडीक्राफ्ट के सभी कच्चे माल पर जीएसटी लगाई जाए तो निर्यातकों को सुविधा मिल सकेगी।

मुरादाबाद ब्रास कारखानादार एसोसिएशन अध्यक्ष आजम अंसारी ने कहा कि ई-वे बिल में 50 हजार रुपये की बाध्यता को बढ़ाकर दो लाख रुपये किए जाना चाहिए। जीएसटी रजिस्ट्रेशन को आसान करने, जीएसटी रिफंड प्रक्रिया में ट्रेडर्स को सहूलियत, दस्तकार बुनकर आयोग बनाने की भी मांग रखी गई थी। शिल्पकारों से सीधा संवाद होगा तो उनका भी हौसला बढ़ेगा और वे बेहतर करने का प्रयास कर सकेंगे।

 

 

 

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